चौतरफा घिरी भाजपा गाजियाबाद में तय करेगी नयी रणनीति

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। विकास को एजेंडा बना कर अब भाजपा उत्तर प्रदेश में अपने नये जनाधर को तलाश रही है। भाजपा प्रदेश कार्य समिति की गाजियाबाद में बैठक हो रही है। इसमें पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भाग लेंगे। भाजपा पिछले एक साल से उत्तर प्रदेश में भ्रम की स्थिति में है। वह यह तय नहीं कर पा रही है कि साम्प्रदायिकता को मुद्दा बनायेगी या फिर विकास का एजेंडा आगे रखेगी। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा मोदी लहर पर सवार होकर उत्तर प्रदेश में 71 सीटें जीत चुकी है। मोदी सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। मोदी सरकार इस दौरान कुछ खास नहीं कर सकी।
प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने की वजह से वाराणसी को खास तवज्जो मिल रही है। यही मोदी सरकार का विकास का एजेंडा है। इसके अलावा भाजपा के खाते में कुछ खास नजर नहीं आ रहा है। चर्चों पर हमले, मुसलमानों के खिलाफ भाजपा नेताओं के जहर बुझे तीर, धर्मांतरण को लेकर बयानबाजी ने भाजपा की प्रदेश में स्थिति को लगातार कमजोर किया है। मोदी सरकार की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि उसके पास भूमि अधिग्रहण को लेकर कोई बचाव नहीं है। कांग्रेस भूमि अधिग्रहण के सवाल पर मोदी सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रही है। विदर्भ की पदयात्रा के बाद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं।
हाल में दो महीनों की छुट्टी से लौट कर आने के बाद जबसे राहुल गांधी राजनीति में सक्रिय हुए हैं मोदी सरकार पर लगातार हमलावर हैं। वे जनरल बोगी में सफर करके पंजाब गये और किसानों तथा आम जनता से मिले। राहुल गांधी ने तंज कसा कि यह सूट बूट वाली सरकार है। मोदी सरकार के रणनीतिकारों के पास कांग्रेस के इस आरोप का जवाब नहीं है। अमेठी में फूड पार्क के प्रोजेक्ट को रद किये जाने का मुद्दा भी उन्होंने लोकसभा बहस के दौरान उठाया। अमेठी राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र है। राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा बदले की राजनीति कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अमेठी जनसभा में कहा था कि वे बदले नहीं बदलाव की राजनीति में यकीन करते हैं। भाजपा को इस आरोप का कोई जवाब नहीं सूझा। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वे मामले की जांच करायेंगे।
भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। उसे चौतरफा दबाव का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर सपा के नेतृत्व में जनता परिवार लामबंद हो रहा है। अखिलेश सरकार द्वारा किये गये विकास कार्य सपा को नयी राजनीतिक जमीन दिला चुके हैं। यह पुख्ता हुई है। अखिलेश यादव की जनता के बीच जबर्दस्त लोकप्रियता कायम है। मोदी सरकार बनाम अखिलेश सरकार के विकास कार्यक्रमों के बीच जब तुलना होगी तब प्रदेश की जनता को बहस का एक नया मुद्दा हासिल होगा। अभी बसपा बिल्कुल खामोश है। उसे एकदम हल्के में नहीं लिया जा सकता है। बसपा का जनाधार दलितों के बीच मजबूत है। वह अगले विधानसभा चुनाव को लेकर पर्याप्त रूप से गंभीर है और उसे हल्के में लेने की गलती न तो भाजपा कर सकती है न ही सपा। रहा सवाल कांग्रेस का तो उसने जिस तरीके से फरेंदा विधानसभा उपचुनाव में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है वह अगर जारी रहा तो अन्य दलों की गणित बिगाड़ सकता है।

लखनऊ। सभी हिन्दू संगठन अब बीजेपी को मजबूत करने में अपनी कमर कस चुके हैं। वैसे तो आरएसएस और विश्व हिन्दू परिषद बीजेपी को मजबूत करने में पहले से जुटे हुए थे लेकिन अब अन्य हिन्दू संगठन भी बीजेपी को मजबूत करने में अपना योगदान देंगे। इन संगठनों के अलावा संघ से जुड़े सामाजिक समरसता मंच , सेवा विभाग, मठ मंदिर विभाग भी अलग-अलग तरीके से बीजेपी की मदद करेंगे। बीजेपी 2014 के लोकसभा के चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर जीत कर देश की सत्ता पर काबिज हुयी थी अब हिन्दू संगठन ये चाहते हैं की बीजेपी सिर्फ हिंदुत्व की राजनीति के साथ अब दलित और पिछडों को जोडक़र बीजेपी को मजबूत करे। यहां तक की विश्व हिन्दू परिषद ने इसके लिए नारा तक दे दिया है कि ‘एक हो कुवां, मंदिर व शमशान’।

अमेठी में होगा घमासान
लखनऊ। किसानों के सुख-दुख साझा करने स्मृति ईरानी 12 मई को अमेठी का दौरा करेंगी। बता दे कि अमेठी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र है। यह बात तो जाहिर है कि एक बार फिर से अमेठी में सियासी संग्राम शुरू होने जा रहा है। स्मृति ईरानी का कार्यक्रम की घोषणा होते ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी 18 मई को अमेठी पहुंचने का अपना कार्यक्रम तय कर दिया है। इससे अमेठी के लोगों में जबरदस्त उत्साह है। कुछ भी हो दो बड़े नेताओं और पार्टियों की लड़ाई में जनता को विकास की उम्मीद जगी है।
किसान की हिमायत लेकर पार्टी को बढ़त दिलाने की कोशिश में जुटी भाजपा एक और बड़ा दांव खेल रही है। आमतौर पर हर छोटे-बड़े मामलों में अमेठी पहुंचने वाले राहुल की इस बार यहां से दूरी को देखते हुए 12 मई को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी का दौरा लगाया गया है। वह आपदा पीडि़त किसानों से मिलेंगी और यहां के लिए कुछ घोषणाएं भी कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव में अमेठी संसदीय सीट से राहुल से हार के बाद भी यहां मिले करीब तीन लाख आठ हजार वोटों से अत्यन्त उत्तेजित स्मृति ईरानी लोगों से अपना संपर्क लगातार बनाए हुए हैं। अमेठी में विशाल फूड पार्क की परियोजना को खत्म किये जाने से जुड़े विवाद के बाद राहुल पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र पहुंच रहे हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में राहुल ने लोकसभा में फूड पार्क का मुद्दा उठाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया था।
उम्मीद जताई जा रही कि स्मृति यहां महिला डिग्री कॉलेज की घोषणा करेंगी। कांग्रेस प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि स्मृति ईरानी के अमेठी के दौरे के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष और अमेठी के सांसद राहुल गांधी भी दो दिवसीय दौरे पर 18 मई को यहां पहुंचेंगे। वह कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और विकास कार्यों को देखेंगे। माना जा रहा कि उनके इस दौरे में अमेठी के फूड पार्क को लेकर अमेठी की जनता उसका विरोध करेगी। स्मृति ईरानी अपनी सियासी ज़मीन तलाश रही है।
वरुण गांधी ने ली राहुल पर चुटकी
किसानों के मसले पर केन्द्र पर हमला कर रहे राहुल गांधी पर उनके भाई वरुण ने चुटकी ली और कहा है कि आखिर उन्होंने किसानों को क्या दिया। केवल भाषणबाजी से कुछ नहीं होता। बीजेपी नेता और यूपी के सुल्तानपुर से सांसद वरुण गांधी ने किसानों के बीच राहुल गांधी का बिना नाम लिये मजाक बनाया। उन्होंने कहा कि मैने किसानों के लिये अपने पांच महीने का वेतन दे दिया है और सभी किसानों को अपने सांसद के पास जाना चाहिए और बताना चाहिए कि वरुण गांधी ने अपने पांच माह का वेतन किसानों में बांट दिया।

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