चोर कौन? रेलवे विभाग या जीआरपी

  • लगातार दूसरी बार पुष्पक एक्सपे्रस की बोगी काटकर हुई चोरी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। टे्रन की बोगी काटकर यदि चोरी हो जाये तो कहना गलत नहीं होगा कि इस चोरी में रेलवे विभाग और जीआरपी पुलिस की मिलीभगत होगी। यदि यह कहा जाये कि इन दोनों विभागों में कोई चोर है तब भी गलत नहीं होगा। लगातार दूसरी बार पुष्पक एक्सपे्रस की बोगी काटकर चोरी कर ली गई जबकि जीआरपी पुलिस मामले को दबाने में लगी हुई है।

बता दें कि लाटूश रोड पर मोबाइल पार्ट्स की दुकान करने वाले प्रदीप सिंह का सामान मुम्बई से पुष्पक एक्सपे्रस की बोगी में लादकर आ रही था। बुधवार की सुबह लगभग नौ बजे पुष्पक एक्सपे्रस छोटी लाइन के प्लेटफॉर्म नम्बर छह पर पहुंची। प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद प्रदीप सिंह उस बोगी के पास पहुंचे जिस बोगी में उनका सामान लदा हुआ था। सील बोगी का ताला खोलने के बाद पता चला कि दूसरी तरफ से बोगी काटकर उसमें रखा हुए सामान पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया है। इसकी जानकारी मिलते ही प्रदीप सिंह के होश उड़ गये। प्रदीप ने इसकी सूचना जीआरपी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पहुंची जीआरपी पुलिस मामले की जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक मुकदमा नहीं दर्ज हुआ था। प्रदीप का आरोप है कि जीआरपी पुलिस मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

दो दिन पूर्व भी हुई थी चोरी
बता दें कि दो दिन पूर्व 24 अगस्त 2015 को भी पुष्पक एक्सपे्रस की बोगी काटकर लाखों रुपये का सामान चोरों ने चोरी कर लिया। इस मामले में प्रदीप ने मुकदमा दर्ज कराया। लेकिन इस चोरी का पर्दाफाश भी नहीं हुआ कि फिर चोरी हो गई। लगातार चोरी होने से रेलवे विभाग और जीआरपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे है।

रेलवे की छवि हो रही खराब: आलोक कुमार
इस संदर्भ में रेलवे के पीआरओ आलोक कुमार ने कहा कि कोई रैकेट है जो इस तरह का कार्य कर रहा है। यह बहुत ही चिंता का विषय है। इससे जहां रेलवे की छवि खराब हो रही है वहीं रेलवे का नुकसान होने के साथ ही व्यापारी भी परेशान हो रहे है। इस संदर्भ में अन्य डिविजनल के डीआरएम से पत्राचार कर इस बारे में गहन जांच कराई जायेगी। सुरक्षा के लिये आरपीएफ टीम भी लगाई गई है।

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