चुनाव से पहले अयोध्या में हलचल

जब सभी को पता है कि यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है तो फिर यह सब करने का कोई औचित्य जान नहीं पड़ता। इस मामले को बेवजह तूल देकर जनता को दिग्भ्रमित किया जा रहा है। यहां सवाल उठता है कि जब उत्तर प्रदेश में चुनाव करीब होता है तभी विहिप को राम मंदिर की याद क्यों आती हैं?

sanjay sharma editor5एक बार फिर उत्तर प्रदेश में माहौल बिगाडऩे की कोशिश की जा रही है। 2017 में होने वाले चुनावों को देखते हुए एक बार फिर राम मंदिर को मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले को लेकर कल राज्यसभा में भी खूब हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर शून्यकाल में कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पत्थर मंगाए जाने के विरोध में जमकर नारेबाजी की और हंगामा किया। इसके कारण सदन की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई। जिस तरह से पिछले एक माह में राम मंदिर निर्माण को मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। निश्चित ही यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत की जा रही है।
जब सभी को पता है कि यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है तो फिर यह सब करने का कोई औचित्य जान नहीं पड़ता। इस मामले को बेवजह तूल देकर जनता को दिग्भ्रमित किया जा रहा है। यहां सवाल उठता है कि जब उत्तर प्रदेश में चुनाव करीब होता है तभी विहिप को राम मंदिर की याद क्यों आती हैं? इसके पहले वह लोग कहां रहते हैं और सबसे बड़ी विडंबना है कि यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है तो फिर पत्थर गिरवाने और तराशने का क्या औचित्य हैं। इससे स्पष्टï है कि विहिप प्रदेश में राम मंदिर के बहाने एक बार फिर बीजेपी की चुनावी वैतरणी पार करने की फिराक में है।
राम मंदिर देश का बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। 6 दिसंबर 1992 का दिन पूरे देश के लिए कितना भारी था इससे सभी अच्छी तरह से वाकिफ है। मंदिर-मस्जिद की लड़ाई में बेवजह सैकड़ों लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी। हजारों बेकुसूर लोग इससे प्रभावित हुए थे, जबकि उनका कोई कुसूर नहीं था। राजनैतिक दलों की गंदी राजनीति का शिकार बेकुसूर जनता हुई। उसी राम मंदिर को मुद्दा बनाकर बीजेपी ने केन्द्र की सत्ता में आसीन हुई। अब जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी की स्थिति खराब हो रही है तो एक बार फिर इसे मुद्दा बनाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश में लग गई है। ऐसे में प्रदेश की जनता को सजग रहने के साथ सरकार को भी इस पर समय रहते प्रतिबंध लगाना है कि प्रदेश का माहौल न बिगडऩे पाए।

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