चीन पर एक और डिजिटल स्ट्राइक फ्रांस से भारत के लिए उड़े राफेल

चीन पर एक और डिजिटल स्ट्राइक फ्रांस से भारत के लिए उड़े राफेल

  • पांच लड़ाकू विमानों को ला रहे भारतीय पॉयलट पहुंचेंगे अंबाला एयरबेस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारत सरकार ने चीन पर एक और डिजिटल स्ट्राइक की है। भारत ने 47 और चीनी एप्स पर बैन लगाने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक ये एप्स कुछ समय पहले बैन किए गए एप्स के क्लोन के तौर पर काम कर रहे थे। सरकार ने इससे पहले 59 एप्स बैन किए हैं जिनमें कई पॉपुलर एप्स शामिल हैं। हालांकि इन एप्स पर प्रतिबंध को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं दूसरी ओर भारत और चीन के तनाव के बीच पांच राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से भारत के लिए रवाना हो गए हैं। ये 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पर पहुंचेंगे।
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 47 और चीनी एप्स को प्रतिबंधित कर दिया है। पिछले महीने 59 चाइनीज एप्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इसकी सूची जारी की जाएगी। इसके अलावा करीब 250 चीनी एप्स की एक सूची बनाई जा रही है, जिनकी जांच की जानी है। इन पर यूजर की गोपनीयता को भंग करने का आरोप है। इससे पहले भारत सरकार ने चीन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 59 चाइनीज मोबाइल एप्स को बैन कर दिया गया था। इसमें टिकटॉक, शेयर इट, यूसी ब्राउजर, हेलो, विगो, जैसे ऐप शामिल हैं। उस समय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा था कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल एप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक 250 ऐसे चीनी एप्स हैं जिन्हें नेशनल सिक्योरिटी के वॉयलेशन को लेकर जांच की जा सकती है। चीनी ऐप्स की नई लिस्ट तैयार की जा रही है और इसमें कुछ टॉप गेमिंग एप्स भी शामिल हैं। मुमकिन है अगली लिस्ट आने के बाद भारत में कई पॉपुलर चीनी गेम्स भी बैन किए जा सकते हैं। वहीं पूर्वी लद्दाख में चीन से तनातनी के बीच दुनिया का सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान राफेल 29 जुलाई को भारत पहुंच जाएगा। पांच राफेल विमानों ने भारत के लिए उड़ान भर दी है। भारतीय फाइटर पायलट सात हजार किलोमीटर की हवाई दूरी तय करके बुधवार को अंबाला एयरबेस पहुंचेंगे।
राफेल से भारतीय वायुसेना की मौजूदा ताकत में जबर्दस्त इजाफा होगा क्योंकि पांचवी जेनरेशन के इस लड़ाकू जेट की मारक क्षमता जैसा लड़ाकू विमान चीन और पाकिस्तान के पास नहीं हैं। इन विमानों को संयुक्त अरब अमीरात में एक एयरबेस पर उतारा जाएगा और फ्रांस के टैंकर विमान से ईंधन भरा जाएगा। इसके बाद विमान अंबाला एयरबेस के लिए आगे का सफर तय करेंगे। सभी पायलटों को फ्रांसीसी दसॉल्ट एविएशन कंपनी द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। इन्हें अंबाला के एयरफोर्स स्टेशन पर 29 जुलाई को वायुसेना में शामिल किया जाएगा।

आरबी सीरीज के होंगे राफेल

राफेल के ट्रेनर विमानों के टेल नंबर वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया के सम्मान में आरबी सीरीज के होंगे। भदौरिया ने ही 36 लड़ाकू राफेल विमानों की यह डील करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने 2016 में फ्रांस से इन विमानों का सौदा 60 हजार करोड़ रुपये में किया था। यह अब तक सबसे बड़ा रक्षा सौदा है। मौजूदा वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया तब उपसेना प्रमुख थे और उन्होंने इस सौदे में भारतीय दल का नेतृत्व किया था।

राफेल में किए गए बदलाव

पहले राफेल विमान को अक्टुबर 2019 में भारत को सौंपा गया था। भारत ने राफेल में अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ बदलाव भी किए हैं। इसमें इजरायल के हेलमेट माउंट डिस्प्ले के साथ ही रडार वार्निग रिसीवर, लो बैंड जामर, दस घंटे की फ्लाइट डाटा रिकार्डिग और ट्रैकिंग सिस्टम समेत कई अन्य सुविधाएं हैं। भारत आ रहे राफेल विमानों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए इसमें फ्रांस निर्मित हैमर मिसाइल लगाने की तैयारी हो रही है। ये मिसाइल 60 से 70 किमी की दूरी पर भी मजबूत से मजबूत लक्ष्य को ध्वस्त करने में सक्षम है। हाइली एजाइल माड्युलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज (हैमर) हवा से जमीन पर मार करने वाली मीडियम रेंज की मिसाइल है। यह मिसाइल शुरुआत में फ्रांस की वायुसेना और नौसेना के लिए बनाई गई थी। इस मिसाइल से भारतीय वायुसेना दुश्मनों के बंकर को सटीक निशाना बना सकती है। राफेल विमानों में लगने वाली स्कैल्प और मीटियोर मिसाइल पहले ही भारत पहुंच गई हैं।

देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन, अजय कुमार लल्लू हिरासत में

  • राजस्थान के राज्यपाल द्वारा विधानसभा सत्र न बुलाने पर जताया विरोध, नारेबाजी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजस्थान के राज्यपाल द्वारा विधानसभा का सत्र न बुलाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने आज देश के सभी राज्यों में राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, पीएल पुनिया समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में लिया गया। दिल्ली में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और गुजरात में 60 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में कार्यकर्ता राजधानी लखनऊ में राजभवन के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने भाजपा के दबाव में राज्यपाल द्वारा राजस्थान में विधानसभा सत्र न बुलाए जाने का आरोप लगाया। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से नारेबाजी करते हुए राजभवन घेराव के लिए निकले। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी भी हुई। सभी को हिरासत में लिया गया। इस दौरान पीएल पुनिया, मुकेश सिंह चौहान व कार्यकर्ता शामिल रहे।

स्पीकर सीपी जोशी का यू टर्न, वापस ली याचिका

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली है। स्पीकर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि वह याचिका वापस लेना चाहते हैं क्योंकि हाईकोर्ट ने फैसला सुना दिया है और उनकी याचिका निष्प्रभावी हो चुकी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी गई। जोशी ने राजस्थान हाईकोर्ट के 21 जुलाई के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनको 24 जुलाई तक बागी विधायकों के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया था। सचिन पायलट समेत 19 बागी विधायकों को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल न होने पर स्पीकर ने उन्हें अयोग्यता नोटिस जारी किया था।

भाजपा की याचिका खारिज बसपा ने जारी किया व्हिप

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले को लेकर भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से दाखिल याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले हाईकोर्ट ने स्पीकर से बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर जवाब मांगा था। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी का जवाब मिलने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। भाजपा विधायक मदन दिलवार की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौती दी गई थी। कहा गया था कि बसपा राष्ट्रीय पार्टी है और पार्टी के विलय के बिना विधायकों का विलय अलग से कांग्रेस में नहीं हो सकता है। वहीं बसपा ने अपने सभी छह विधायकों को व्हिप जारी किया है।

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