चीन ने भारत की NSG सदस्यता में अड़ाई टांग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के दौरे से ठीक एक दिन पहले चीन ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत को शामिल किए जाने का विरोध किया है। चीन ने कहा कि इस मामले में भारत को अपवाद मानते हुए सदस्य नहीं बनाया जा सकता।
सूत्रों के मुताबिक, मुद्दे को लेकर इस सप्ताह दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मंगलवार को बीजिंग पहुंचेंगे। वह यहां एक हाईप्रोफाइल बिजनेस समिट में हिस्सा लेंगे और उसके बाद चीनी नेताओं से वार्ता करेंगे। चीन सरकार ने इसके साथ ही परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर न किए जाने वाले देशों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि भारत, पाकिस्तान और इजरायल जैसे देशों को एक नजरिए से देखा जाना चाहिए। चीन के भारत पर ऐसा दबाव बनाने की कोशिश की तो भारतीय विदेश मंत्रालय ने फ्रांस का नाम सामने लाते हुए कहा था कि फ्रांस एनएसजी का सदस्य है और परमाणु हथियारों का व्यापार करता है, जबकि वह अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने वाला देश भी है। हालांकि चीन ने भारत के इस रुख को खारिज कर दिया। चीन ने कहा कि फ्रांस एनएसजी का संस्थापक सदस्य है और ऐसे में उसकी सदस्यता को स्वीकार किए जाने का सवाल कहां पैदा होता है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन का यही रुख है कि एनएसजी में शामिल होने वाले सभी नए सदस्यों को परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करना चाहिए। उन्होंने भारत के इस बयान को खारिज कर दिया कि फ्रांस को एनपीटी पर हस्ताक्षर करने से पहले इस समूह में शामिल किया गया था।

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