चिनहट में छात्रा से दरिंदगी का प्रयास, सोते रहे पुलिसकर्मी

  • पुलिस की काम्बिंग की खुली पोल
  • मामले को रफा-दफा करने में लगे रहे चौकी इंचार्ज
  • एसएसपी की फटकार के बाद हरकत में आयी चिनहट पुलिस

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। चिनहट इलाके में देर शाम ऑफिस से लौट रही युवती को कार सवार तीन बदमाशों ने गाड़ी में घसीट लिया। इसके बाद वह गाड़ी के दरवाजे का शीशा बंद कर उसे लेकर फरार हो गए। कार में बदमाशों ने युवती के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की। वह युवती को लेकर लगभग दो घंटे तक शहर की सडक़ों पर बेखौफ होकर घुमते रहे। किसी तरह चंगुल से छुटी युवती ने एक अपार्टमेंट में छिपकर अपनी जान बचाई। अपार्टमेंट में मौजूद गार्ड ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पॉवर-19 की टीम ने युवती को घर पहुंचाया।
चिनहट एसओ सुरेश कुमार यादव ने बताया कि तिवारीगंज में किराए के मकान में रहने वाली पूनम (30) रोजाना की तरह देर शाम ऑफिस से घर आ रही थी। इस बीच रास्ते में काली कार में सवार तीन बदमाशों ने उसे पकडक़र गाड़ी में खीच लिया। युवती जब तक संभलती तब तक बदमाशों ने कार के सभी शीशे बंद कर उसे धमकाने लगे। पहले तो उन्होंने युवती से छेडख़ानी की। जब युवती ने इसका विरोध किया तो उसके साथ जमकर मारपीट की। युवती ने बताया कि बदमाश उसे लेकर चिनहट से सफेदाबाद क्रासिंग तक लगभग दो घंटे तक लेकर टहलते रहे। उसके बाद दरिंदे उसे लेकर इन्दिरा नहर के किनारे जंगल की तरफ लेकर गए। जहां वह कार में शराब पीने लगे। इस दौरान युवती मौका देखकर वहां से फरार हो गयी। इस पर कार सवार दरिंदे उसका पीछा करते रहे। बताया कि थोड़ी दूर पर जाकर उसने एक अपार्टमेंट में जाकर शरण ली। उसके पीछे आए बदमाश अपार्टमेंट में गार्ड को देखकर फरार हो गए। गार्ड ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद एनसीआर पॉवर-19 की टीम युवती को चिनहट थाने ले आयी। जहां पर तिवारीगंज चौकी इंचार्ज ने मामले को रफा-दफा करके उसे घर छोड़ दिया।
बदमाशों के चुंगल से छूटी युवती ने चिनहट पुलिस को उनका हुलिया बताया। उसने बताया कि तीन बदमाशों में एक आदमी काफी मोटा था, दूसरा दुबला-पतला था। तीसरा युवक जो गाड़ी चला रहा था उसके गर्दन पर काला मस्सा था।
अकेली किराए पर रहती है युवती
पीडि़ता ने बताया की उसकी मां का निधन बचपन में ही हो गया था, जिसके बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। युवती बाराबंकी के एक गांव की रहने वाली है। पिता ने ही मजदूरी कर उसे पढ़ाया-लिखाया। बताया कि 7 साल पहले उसके पिता की भी मौत हो गई थी, जिसके बाद उसकी सौतेली मां ने उसे घर से निकाल दिया था। तब से वह अकेली चिनहट इलाके में रहकर नौकरी करके अपना गुजर-बसर कर रही है।

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