चित्रकूट के पास ट्रेन में मिला टाइम बम

महानगरी एक्सप्रेस के शौचालय में रखा गया था टाइम बम
एक यात्री की सजगता से बच गया बड़ा हादसा वरना उड़ जाते ट्रेन के तीन डिब्बे
यूपी की ट्रेनों को लगातार निशाना बनाने की साजिश
पूरे प्रदेश में ट्रेनों की सघनता से जांच के आदेश

W14पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। वाराणसी से मुंबई जा रही महानगरी एक्सप्रेस के एक यात्री की सजगता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली और एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। इस ट्रेन के थर्ड एसी के टायलेट में बम रखा गया था और साथ ही में रेलमंत्री के नाम एक खत लिखा रखा था, जिसमें दो अन्य ट्रेन में भी बम रखे जाने की खबर थी। बम निरोधी दस्ते ने इस बम को निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद पूरे प्रदेश में ट्रेनों की सघनता से जांच के आदेश दिए गए। प्रदेश में इससे पहले कई बार ट्रेन की पटरियों को काटकर बड़ा हादसा करने की साजिश रची गई थी, जिसे नाकाम कर दिया गया था।
आधी रात के बाद ट्रेन में सब लोग आराम से सो रहे थे। इसी बीच सैदपुर खानपुर निवासी अशोक यादव टायलेट गया उसने देखा कि टायलेट में एक थैला रखा है जिसमें कुछ तार भी निकले हुए हैं। उसने तुरन्त इसकी सूचना ट्रेन में मौजूद आरपीएफ और जीआरपी को दी। जैसे ही इन लोगों ने टायलेट में आकर देखा तो पाया कि इस थैले में बम रखा है। तुरंत ट्रेन रोककर बम का थैला बाहर रखा गया। और पूरी ट्रेन की सघनता से जांच की गई।
ट्रेन में बम की सूचना ने लखनऊ से दिल्ली तक हडक़ंप मचा दिया। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। चित्रकूट के एसएसपी केके चौधरी तुरंत मौके पर भारी फोर्स के साथ पहुंचे और पूरी ट्रेन की सघनता से जांच की गई। बम निरोधी दस्ता और डॉग स्क्वायड भी मौके पर पहुंच गया। बम निरोधी दस्ते ने पाया कि तकनीकी कमी की वजह से यह बम नहीं फटे वरना बड़ा हादसा हो जाता।
बम के साथ रेल मंत्री को लिखा एक खत भी मिला जिसमें लिखा है कि आप दस करोड़ रुपया तैयार रखिए क्योंकि आप किसी भी यात्री को कोई पैसा नहीं देते हैं। दो और गाडिय़ों में बम रखे गए हैं और अब अगला निशाना मुंबई रेलवे स्टेशन को उड़ाना है। इस खत ने सुरक्षा एंजसियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। सभी समझ रहे हैं कि अगर यह बम फट जाता तो भारी तबाही हो सकती थी। इससे पहले 16 जनवरी को लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके के कनकहा इलाके में रेलवे ट्रैक को काटकर ट्रेन को पलटने की साजिश की गई थी। इससे पहले इसके निकट ही 2 अक्टूबर को भी रेलवे ट्रैक काटा गया था।

सघनता से जांच के आदेश: देवाशीष
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने कहा है कि प्रदेश में सघनता से चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश सभी को दिए गए हैं। जीआरपी और आरपीएफ को ट्रेनों की पूरी तरह से जांच करने और सुरक्षा के आदेश दिए गए हैं।

राज्यपाल वापस जाओ नारे के साथ शुरू हुआ विधानसभा सत्र कुछ ही देर बाद स्थगित

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का भारी विरोध किया बसपा, कांग्रेस और लोकदल ने
सरकार विरोधी नारों की टोपी पहनकर आए थे विपक्ष के लोग

लखनऊ। यूपी विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभषण के दौरान राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगाए गए। राज्यपाल का अभिभाषण शुरू ही हुआ था कि बसपा, कांग्रेस और राष्टï्रीय लोकदल के नेताओं ने पोस्टर बैनर और टोपी पहनकर राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगाने लगे। विपक्ष के नेता पूरी तैयारी करके आए थे। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई मुख्य रूप से बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और नसीमुद्दीन सिद्दीकी कर रहे थे। हालांकि राज्यपाल ने सभी दलों से सदन में अभिभाषण सुनने को लेकर पहले ही चि_ी लिखकर अपील की थी। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही सात फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। अब विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही आठ फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू होगी। विरोध प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने गन्ना किसानों का बकाया और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया। वह सपा सरकार में हत्या, लूट, डकैती को लेकर सरकार का विरोध करते रहे। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को यूपी सरकार का पुलिंदा बताया है। इसके पहले ही राज्यपाल ने गाइड लाइन जारीकर कहा था कि राष्टï्रपति का अभिभाषण जिस तरह से सदन में सुना जाता है उसी तरह से उनका भी अभिभाषण सुना जाए, लेकिन इसका विपक्ष के नेताओं के ऊपर कोई असर नहीं हुआ। आज जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सदन पहुंचे तो उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के नेताओं के बेंच पर जाकर मुलाकात भी की थी। इसका साफ संकेत सदन को सुचारू रूप से चलाने को लेकर था। ऐसा बहुत कम होता है कि सदन में मुख्यमंत्री खुद विपक्ष के नेताओं से उनके बेंच पर जाकर मिलें और सदन चलाने को लेकर सहयोग मांगें। राज्यपाल का विरोध कर रहे विधायकों और विधानपरिषद सदस्यों ने सरकार विरोधी नारे भी लगाए। इस दौरान सदन में सरकार विरोधी नारे लिखे हुए पोस्टर-बैनर भी लहराए गए। नेताओं के हाथों में नारे लिखी हुईं तख्तियां भी थीं।

सरकार चीनी मिल मालिकों से मिली है: सिद्ïदीकी

बुंदेलखंड को आपदा क्षेत्र घोषित करने की मांग बसपा ने की है। विधान परिषद के नेता विपक्ष नसीमुद्ïदीन सिद्ïदीकी ने कहा है कि यूपी सरकार चीनी मिल मालिकों से मिली हुई है। हर जगह किसानों का उत्पीडऩ हो रहा है। सरकार बकाए का भुगतान चार साल में नहीं करवा सकी है। यह चुनावी वर्ष है, ‘किसान वर्ष’ में किसानों से साथ इस तरह के व्यवहार का जनता जवाब जरूर देगी।

शीतकाल से भाग गई, बजट में घिरेगी सरकार: मौर्य

यूपी सरकार के अंतिम दिन नजदीक आ गए हैं। सरकार शीतकालीन सत्र से भाग गई थी। अब बजट सत्र से बचने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर गिनने के लिए सत्र 29 जनवरी से 11 मार्च तक किया जा रहा है। पहले ही दिन से 9 दिन की कटौती की गई है, यह ठीक नहीं है। बसपा सदन में सरकार को घेरेगी। सदन में दलित कर्मचारियों के पदावनत का मुद्ïदा भी उठेगा।

आजम और राज्यपाल की बातचीत रही चर्चा में
गवर्नर चाहते थे कि राष्टï्रपति के पत्र के बाद वह शान-ओ-शौकत से विधानसभा में पहुंचे। मगर कल भाजपा को छोडक़र सभी विपक्षी दलों ने उनकी मंशा पर पानी फेरते हुए कहा कि राज्यपाल को पुरानी परंपरा से ही आना चाहिए। सबसे मुखर आजम खां थे, जो राज्यपाल पर अपने हमलों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। आज जब राज्यपाल सदन में पहुंचे तो उससे पहले सबकी निगाह आजम खां पर टिकी हुई थी कि वह गवर्नर का स्वागत कैसे करते हैं। आजम खां ने आज विनम्रता दिखाई और मुस्कराते हुए उनका स्वागत किया।

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