‘चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ हैं फार्मासिस्ट’

फार्मेसी काउंसिल के कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविन्द कुमार ने कहा कि फार्मासिस्ट चिकित्सा क्षेत्र की रीढ़ हैं। बिना इनके मरीज का इलाज नहीं किया जा सकता। दवा के औषधि निर्माण से लेकर उनके वितरण की जिम्मेदारी फार्मासिस्टों के पास हैं।
यह बातें अरविंद कुमार विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल की ओर से पशुपालन विभाग के सभागार में कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। इस मौके पर चिकित्सा जगत में फार्मासिस्टों के योगदान और प्रदेश में उनकी स्थिति के बारे में चर्चा हुई। इस मौके पर विशेषज्ञों ने बताया कि डेंगू से पूरे देश में त्राहि -त्राहि मची है। इस दौरान जनता में सही दवाओं के उपयोग को लेकर जागरूकता जगाई जा रही है। डेंगू में बुखार से ज्यादा महत्वपूर्ण ये होता है कि आप इस दौरान किन दवाइयों का सेवन कर रहे हैं। जिसमेें फार्मासिस्टों का बड़ा योगदान है। इसके अलावा प्रदेश में करीब 65 हजार फ ार्मासिस्ट रजिस्टर्ड है, जिसमे बहुत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट बेरोजगार हैं। फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन सुनील यादव ने बताया कि मात्र 5 से 7 हजार फार्मासिस्ट ही सरकारी नौकरी में है। मेडिकल स्टोरों की धांधली से प्रदेश में बड़ी संख्या में फॉर्मासिस्ट बेरोजगार हैं। अब एफ एसडीए की ओर से मेडिकल स्टोरों के ऑनलाइन होने से फार्मासिस्टों की बेरोजगारी दूर होगी। इस मौके पर डीजी हेल्थ डॉ.विजयलक्ष्मी, सीएमओ एसएनएस यादव भी मौजूद रहे।

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