चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा अस्पताल

चर्म रोग विभाग की ओपीडी से खाली हाथ लौैट रहे मरीज

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के सिविल अस्पताल में चर्मरोग विभाग चिकित्सकों के अभाव में खाली पड़ा हुआ है, जिसके चलते यहां पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रूख करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक महीने के अन्तर पर दो चिकित्सकों के रिटायर्ड हो जाने के चलते मरीजों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक शासन द्वारा किसी अन्य चिकित्सक की नियुक्ति खाली पड़े चर्मरोग विभाग में नही की गयी है।
अस्पताल प्रशासन की कोशिश है कि सेवानिवृत्त हुए चिकित्सकों को ही प्रतिनियुक्त पर बुला लिया जाये, जिससे मरीजों को हो रही समस्या का निदान हो सके। नवम्बर माह में सिविल अस्पताल के चर्मरोग विभाग के डा.सुनील चौहान और डॉ. ए.के.तिवारी एक महीने के अन्दर ही रिटायर्ड हो गये, जिसके बाद विभाग खाली हो गया और ओपीडी पर ताला पड़ गया। अस्पताल में रोजाना चर्मरोग विभाग की ओपीडी में 4० से 5० मरीज पंहुचते थे। जब से चर्मरोग विभाग की ओपीडी बंद हुयी तब से रोजाना मरीज बिना इलाज के लिए अस्पताल से लौट रहे है या फिर दूसरे अस्पतालों का जा रहे हैं।

जगह के अभाव में नहीं लग पा रही डायलिसिस यूनिट

डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में जगह के अभाव में डायलिसिस यूनिट नही खुल पा रही है। जानकारों की माने तो इतने बड़े अस्पताल में डायलिसिस यूनिट की बहुत जरूरत है। इसके न होने के कारण गम्भीर मरीजों को केजीएमयू या फिर पीजीआई भेजना पड़ता है। कुछ मरीजों को तो निजी संस्थानों में भी भेजना पड़ता है।

चर्मरोग विभाग के दोनों चिकित्सक रिटायर्ड हो गये हैं। जल्द ही यहां पर चिकित्सकों की नियुक्ति हो जायेगी। रिटायर्ड हुए चिकित्सकों को प्रतिनियुक्ति पर भी लिया जायेगा। जगह की कमी के चलते कोई विभाग अब यहां नही खुल सकता है, जगह मिलेगा तभी नया विभाग खुल सकेगा।
-डॉ. राजेश ओझा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक  सिविल अस्पताल

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