चार दिन में 800 दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचाने की चुनौती

जिले में जो भी कार्ड धारक पात्र मिले हैं, उनके लिए खाद्यान्न वितरण प्रारूप जारी कर दिया गया है। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। सरकार की तरफ से निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक ही खाद्यान्न वितरण किया जायेगा। 

-चन्द्र शेखर ओझा
जिलापूर्ति अधिकारी, लखनऊ

जिले में राशन पहुंचवाने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे अधिकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। जिले में एक मार्च से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत रियायती दर पर कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरण किया जाना है लेकिन उचित दर विक्रेताओं की दुकानों में अब तक खाद्यान्न नहीं पहुंच पाया है। जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग और ठेकदारों के सामने चार दिन में करीब 800 दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचाने की चुनौती है। जिले में कोटेदार भी दुकानों पर राशन पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में तय समय पर समस्त दुकानों पर खाद्यान्न वितरण शुरू करवाना चुनौतीपूर्ण लग रहा है।
राजधानी में उचित दर विक्रेताओं की कुल संख्या 1285 है। इसमें बमुश्किल 400-500 उचित दर विक्रेताओं की दुकान में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बांटा जाने वाला खाद्यान्न पहुंच पाया है। जिले में करीब 800 दुकानों पर प्रति दुकान औसतन 20 कुंतल की दर से खाद्यान्न पहुंचाने का काम ठेकेदारों के जिम्मे है। लेकिन आवश्यक वस्तु निगम के गोदामों पर विलंब से राशन पहुंचने और वहां से राशन का उठान समय से नहीं हो पाने की वजह से गोदामों में राशन की बोरियां भरी पड़ी है। इन बोरियों को उचित दर विक्रेताओं की दुकानों में भेजने को लेकर कोई भी अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहा है। जबकि कोटदारों को प्रशासन की तरफ से आगामी 1 मार्च 2016 से खाद्यान्न वितरण शुरू कर देने का निर्देश दिया जा चुका है। ऐसे में कोटेदार भी असमंजस में हैं।
सरकार की तरफ से जारी नियम के अनुसार खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक कार्ड धारक को 35 किग्रा. खाद्यान्न दिया जाना था। लेकिन विभागीय सूत्रों के मुताबिक कार्ड धारकों को दिये जाने वाले खाद्यान्न में कटौती कर दी गई है। अब कार्ड धारक को 35 किग्रा. खाद्यान्न की बजाय प्रति यूनिट 5 किग्रा. खाद्यान्न दिया जायेगा। इस तरह का निर्देश कोटेदारों को दिया गया है। इसमें कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 3.5 किग्रा. गेहूं और 1.5 किग्रा. चावल दिया जायेगा। इसके अलावा सभी क्षेत्रीय खाद्य कार्यालयों को प्रति कार्ड धारक 3.5 से 4 किग्रा. तक खाद्यान्न का आवंटन किया गया है। इससे स्पष्ट है कि प्रत्येक कार्ड धारक को मानक के अनुरूप खाद्यान्न मिल पाना मुश्किल है। महत्वपूर्ण बात ये है कि खाद्य सुरक्षा के तहत किया जाने वाला खाद्यान्न का आवंटन बिल्कुल एपीएल के तहत होने वाले राशन आवंटन की तर्ज पर किया गया है। मतलब साफ है कि एपीएल में प्रति कार्ड धारक 5 किग्रा राशन आवंटन करके कार्ड धारकों को 8 किग्रा राशन देने का निर्देश दिया जाता है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत भी बिल्कुल वैसा ही किया गया है। जिले में कार्डधारकों को प्रति यूनिट 4 किग्रा. तक का खाद्यान्न आवंटन करके 5 किग्रा. वितरण करवाने का निर्देश जारी हुआ है। ऐसे में आधी-अधूरी तैयारी और तमाम पेंच के साथ खाद्यान्न वितरण तय समय पर हो पायेगा। इसको लेकर भी संदेह की स्थिति बनी हुई है।

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