चारा घोटाले से जुड़ी कई अहम फाइलें पटना से गायब

  • फाइलें गायब होने से सरकार की भूमिका सवालों के घेरे में 
  • चोरी को विपक्ष बना सकती है हथियार

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। चर्चित चारा घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। अबकी बार चर्चा चारा घोटाले से जुड़ी फाइल चोरी होने की है। बिहार के जिस चारा घोटाले में आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव को सजा हुई थी, उसी चारा घोटाले से जुड़ी कई अहम फाइलें पशु एवं मछली संसाधन विभाग से चोरी हुई हैं। बिहार में लालू के गठबंधन की सरकार है। ऐसे में यह ‘चोरी’ विपक्ष का हथियार बन सकती है।
बताया जा रहा है कि चोरी हुई फाइलें पैसों की गड़बड़ी से जुड़ी हुई हैं। जानकारी के मुताबिक, चोरों ने तीन आलमारी तोडक़र चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरी की ये घटना करीब तीन हफ्ते पहले की है। लेकिन, अब जाकर केस दर्ज कराया गया है। बिहार में लालू और नीतीश की साझा सरकार है। फाइलें गायब होने को लेकर सरकार की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है।
मालूम हो कि चारा घोटाला बिहार का सबसे बड़ा घोटाला था, जिसमें पशुओं को खिलाये जाने वाले चारे के नाम पर 950 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से फर्जीवाड़ा करके निकाल लिये गये थे। साल 1996 में चारा घोटाले का खुलासा हुआ था। इसके बाद लालू यादव को 1997 में अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। सरकारी खजाने की इस चोरी में अन्य कई लोगों के अलावा बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव व पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र पर भी आरोप लगा। इस घोटाले के कारण लालू यादव को मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देना पड़ा था, जिसके बाद लालू यादव को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। लालू को झारखंड की विशेष अदालत से सजा मिली हुई है। लालू अभी जमानत पर बाहर हैं। इस घोटाले में सजा मिलने की वजह से ही लालू यादव चुनाव नहीं लड़ सकते।

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