घायलों को मृत घोषित कर दिया डॉक्टरों ने मर्चरी में तड़पने के बाद हुई मौत

  • जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों की लापरवाही से गई जान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
आजमगढ़। आजमगढ़ जिले के जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों की एक बड़ी लापरवाही सामने आयी है। यहां एक्सीडेन्ट में घायल युवक को मृत दिखाकर कर करीब 5 घंटे तक मर्चरी में रखे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद परिजनों ने जिला चिकित्सालय में जमकर हंगामा किया और तोडफ़ोड की। मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने किसी तरह से स्थिति को नियन्त्रण में किया। परिजनों ने डॉक्टरों के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किये जाने की भी मांग की है।
बता दें आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली के बद्दोपुर गांव के रहने वाले राघवेन्द्र उपाध्याय का कोटिला बाजार में एक्सीडेन्ट हो गया था। एक्सीडेन्ट के बाद उसे एम्बुलेन्स से जिला चिकित्सालय उपचार के लिए लाया गया। आरोप है कि इमरजेन्सी में तैनात डॉक्टरों ने राघवेन्द्र को देखा और उसे मृत घोषित कर शव को मर्चरी हाउस में डाल दिया। इतना ही नहीं मौके पर पहुंचे परिजनों को शव देखने भी नहीं दिया गया। कागजी कार्रवाई के करीब पांच घंटे बाद जब परिजन पुलिस के साथ मर्चरी में पहुंचे तो राघवेन्द्र की सांसें चल रही थीं। जिसके बाद परिजनों ने राघवेन्द्र को एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अगर उसे पांच घंटे पहले ट्रीटमेंट मिल गया होता तो राघवेन्द्र की जान बच सकती थी।
इस घटना से परिजन आक्रोशित हो गये और जिला चिकित्सालय में हंगामा के साथ तोडफ़ोड़ शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर आला अधिकारी फोर्स के साथ पहुंचे और किसी तरह से स्थिति नियन्त्रित की। परिजनों का आरोप है कि इमरजेन्सी में तैनात डॉक्टरों ने घोर लापरवाही बरती है। इन लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

Pin It