ग्रामीण क्षेत्रों से अर्जित भूमि का नामांतरण कराएगा एलडीए

  • तहसीलदारों को गांवों की जमीन चिन्हित करने के लिए दिए गए निर्देश

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
3लखनऊ। अधिग्रहित जमीनों का नामांतरण एलडीए जल्द ही शुरू करने जा रहा है। एलडीए की करोड़ों रुपये की जमीन अभी ऐसे ही पड़ी है। खरीदने के बाद भी अर्जन विभाग द्वारा अभी तक यह प्रक्रिया नहीं करवाई गई थी। इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण मोहान रोड व गोमती नगर स्थित मकदूमपुर की सरकारी जमीनों का पुनग्र्रहण भी जल्द शुरू करेगा। इसको लेकर एडीएम प्रशासन हरिकेश चौरसिया और एलडीए अधिकारियों की बैठक हुई, जिसके बाद संयुक्त सचिव धनंजय शुक्ला ने बताया कि एलडीए ने भूमि तो काफी अर्जित कर ली है लेकिन जरूरी है अब उसका नामांतरण एलडीए के नाम कराया जाए। अन्यथा आने वाले समय में जमीन को लेकर विवाद पैदा होने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे गांवों की जमीन चिन्हित करें, जो एलडीए के दायरे में हों और जमीन अर्जित की जा
चुकी हो।

अवैध सोसाइटी को वैध करने की मांग

महायोजना 2031 में आने वाली उन तमाम कालोनियों को वैध कर दिया जाए, जो अभी तक अवैध श्रेणी में दर्ज हैं। इन कालोनियों की जमीन का दाखिल खारिज न होने से यह कालोनी अवैध बनी हुई हैं। यह प्रस्ताव विधायक गोमती यादव ने एलडीए के सामने महायोजना 2031 के लिए रखा। इसके अलावा सहारा कंपनी द्वारा अपनी ग्रीन लैंड को आवासीय में तब्दील करने का प्रस्ताव भी रखा गया। महायोजना 2031 में यह ग्रीन लैंड दर्ज हैं।
मुख्य नगर नियोजक जेएन रेड्डी ने बताया कि सहारा कंपनी के लोगों ने आइआइएम रोड पर बने मल्टी स्टोरी की लैंड व बीकेटी में कॉलेज की लैंड को भी ग्रीन लैंड से आवासीय में तब्दील करने की बात महायोजना 2031 में रखने की बात कही है। इसके अलावा जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बसी गायत्रीपुरम कालोनी को वैध करने की मांग के अलावा विधायक ने राजधानी में उन कालोनियों को वैध करने का प्रस्ताव रखा है जिनका 143 दाखिल खारिज नहीं है। इसके अलावा रिंग रोड के दायरे में आने वाले 197 गांवों का प्रचार प्रसार करने की बात कही है, जिससे किसानों की जमीन की खरीद फरोख्त न हो सके । विधायक के प्रस्तावों का समाधान करने के लिए एलडीए ने आश्वासन
दिया है।

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