ग्रामीण क्षेत्रों में सभी तरह की सडक़ों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा: प्रदीप भटनागर

  • टूटी सडक़ों की मरम्मत का काम 30 नवम्बर तक पूरा करने का निर्देश
  • प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को गड्ढे वाली सडक़ों की सर्वे रिपोर्ट शुक्रवार तक सौंपने का आदेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। राज्य सरकार ने आगामी 30 नवम्बर तक ग्रामीण क्षेत्रों की सभी तरह की सडक़ों को गड्ढा मुक्त करने एवं टूटी-फूटी सडक़ों की मरम्मत कराने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में मंगलवार को कृषि उत्पादन आयुक्त प्रदीप भटनागर ने योजना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंङ्क्षसंग के माध्यम से सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों को टूटी-फूटी, मरम्मत योग्य सडक़ों का त्वरित सर्वे कराने और मरम्मत के लिए प्रस्ताव शुक्रवार 12 अगस्त तक मुख्य अभियन्ता मध्य क्षेत्र लोक निर्माण विभाग को प्रेषित करने का निर्देश दिया है।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों से कहा है कि 5,000 से अधिक आबादी के गांवों को सडक़ों से जोड़ा गया है, परन्तु कई वर्षों से मरम्मत का कार्य न होने से सडक़ें टूट-फूट गयीं हैं। इन सडक़ों को सुचारु ढंग से प्रयोग में लायक बनाने के लिए मरम्मत कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़ों का निर्माण लोक निर्माण विभाग, मण्डी परिषद, आरईएस, जिला पंचायत, सिंचाई विभाग और पीएमजीएसवाई द्वारा कराया गया है, जिनकी हालत टूट-फूट के कारण खराब होने की सूचना है। उन्होंने कहा कि इन सडक़ों का और ओडीआर तथा एमडीआर सडक़ों को भी त्वरित सर्वे में शामिल किया जाये। श्री भटनागर ने अपने निर्देश में कहा है कि क्विक सर्वे में जिलाधिकारी उन सडक़ों को लें, जो लोक निर्माण विभाग के अनुसार सामान्य मरम्मत एवं विशेष मरम्मत योग्य हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य मरम्मत का तात्पर्य है कि ऐसी सडक़ें जिनमें गड्ढ़े होने शुरु हो गये हैं या ऊपरी सतह टूट गयी है। उन्होंने आगे कहा कि विशेष मरम्मत की श्रेणी में आने वाली सडक़ों को भी क्विक सर्वे में शामिल किया जाये। लोक निर्माण विभाग के अनुसार ऐसी वे सडक़ें होती हैं, जिनके ऊपर की सतह पूरी तरह टूट गयी है और पत्थर बजरी भी अपनी जगह से उखड़ गयी है। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त पुलियों की भी सूचना क्विक सर्वे में शामिल की जाये।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने जिलाधिकारियों से क्विक सर्वे समय से पूरा कराने के लिए कहा कि उन्हें यह काम कल सुबह से टीम बनाकर शुरु कर देने की आवश्यकता है। इसके लिए वे लोक निर्माण विभाग सहित सडक़ से जुड़े सभी विभागों के अभिशासी अभियन्ताओं तथा ग्रामीण सडक़ों का विभिन्न परिवहन साधनों से प्रयोग करने वाले सरकारी अधिकारियों/ कर्मचारियों के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे उपयुक्त सर्वे सम्बन्धित सडक़ों पर वाहन से गुजरने के बाद होता है, परन्तु समय की कमी के कारण ऐसा न हो पाये तो विभिन्न सरकारी कार्यालयों के स्टाफ के द्वारा जानकारी प्राप्त कर ली जाये। वीडियो कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण सचिव अनुराग यादव, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण रंगाराव, लोक निर्माण विभाग, आरईएस, सिंचाई, पीएमजीएसवाई, मण्डी के मुख्य अभियन्ता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Pin It