ग्रामीणों ने जान पर खेल कर पकड़ा और एसओ ने भगाया

  • जानकीपुरम थाने में तैनात ऊंची पहुंच वाले एसओ का खेल
  • ग्रामीणों ने जिसे पकडक़र थाने पहुंचाया, पुलिस को चकमा देकर भागा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में सत्ता तक पहुंच रखने वाले पुलिस कर्मियों के सौ गुनाह भी माफ है। इसी वजह से जानकीपुरम थाने में तैनात एसओ की सुपुर्दगी से आरोपी फरार होने के बाद भी उच्चाधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। वह एसओ पर कार्रवाई करने की बजाय मामला रफा-दफा करने में जुट गये हैं।
जानकीपुरम थाना क्षेत्र के मिर्जापुर ग्राम निवासी विजय रावत के घर में रविवार रात चोर घुस आया। घर में खटपट की आवाज पर परिवार के लोग जाग गये। इसके बाद परिवार के लोगों ने पड़ोसियों की मदद से घर को चारों तरफ से घेर लिया और चोर को पकड़ लिया। सब लोगों ने चोर को अपने कब्जे में ले लिया और उसको अपने साथ थाने ले आये। वहां विजय रावत की तहरीर पर चोर को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने चोर को लॉकअप में डाल लिया। चोर को पुलिस के सुपुर्द कर ग्रामीण अपने-अपने घर लौट आये। वहीं सूत्रों की मानें तो थाने में मौजूद चोर वहां से भागने की फिराक में जुट गया। उसने पुलिस के लोगों पर निगाह रखनी शुरू कर दी और पुलिस वालों का ध्यान भटकाने के लिए पहरे पर तैनात सिपाही से पीने के लिए दो बार पानी मांगा। इसके बाद मौका पाकर वहां से फरार हो गया। जब देर शाम थाने में से चोर के भागने की सूचना मिली, तो हडक़ंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस वालों को भेजकर चोर की खोजबीन शुरू करा दी गई। लेकिन घंटो की छानबीन के बाद भी चोर का कुछ पता नहीं चल पाया। इसी बीच विजय रावत थाने में एफआईआर की कापी लेने पहुंचा तो एसओ गोपाल सिंह ने उसको डांट डपट कर भगा दिया और आरोपी से समझौता करने की झूठी अफवाह उड़ा दी। इससे पीडि़त काफी नाराज हुआ और उसने पुलिस पर ग्रामीणों की काफी मशक्कत के बाद पकड़े गये चोर को भगाने का एसओ पर आरोप लगाया। यह मामला उच्चाधिकारियों से संज्ञान में भी पहुंचा लेकिन जानकीपुरम थाने पर तैनात एसओ की सत्ता में पहुंच होने की वजह से कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोर के संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था। इसलिए थाने से भागने के मामले में एसओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि इस मामले की जांच के आदेश दिये गये हैं लेकिन जिस तरह से पुलिस विभाग के अधिकारी चोर के खिलाफ कागजी कार्रवाई न होने की बात कर रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि सारा अमला एसओ को बचाने में जुट गया है।

इस मामले को गंभीरता से लेकर सीओ अलीगंज रोहित सिंह सजवान को जांच के आदेश दिये गये हैं। इसमें जो भी रिपोर्ट आयेगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जायेगी।
-जय प्रकाश यादव, एसपी ट्रांसगोमती

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