गौरैया के लिए जेलों में बनेंगे घोसले: बलवंत सिंह

  • बीस मार्च को जेलों में मनाएंगे विश्व गौरैया दिवस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने गौरेया संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने जेलों में हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाने के साथ ही साथ जेलों में गौरैया के लिए लकड़ी के घोंसले बनाने के निर्देश दिए हैं। इसकी शुरुआत गौतमबुद्धनगर जेल में कर दी गयी है।
कारागार मंत्री श्री रामूवालिया ने कहा कि प्रदेश सरकार गौरेया संरक्षण की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में हम लोगों ने भी गौरैया संरक्षण के लिए अभियान की शुरुआत कर दी है। गौरेया के घोंसले की ऊंचाई 25 सेंटीमीटर तथा लंबाई व चौड़ाई 15 सेंटीमीटर की होगी। इसे 20 मीटर ऊंचे पर बनाया जाएगा और दाना-पानी की भी उचित व्यवस्था रहेगा। उन्होंने कहा कि खास बात यह है कि गौरैया के लिए किये जाने वाले कार्य को बंदियों के श्रम दिवस के रूप में जोड़ा जाएगा। दरअसल, प्रदेश की सभी पुरानी जेलों में बड़े और पुराने वृक्ष हैं। वृक्ष और प्रदूषण मुक्त स्थान होने से उनका बसेरा होगा। जेलों में और भी पक्षियों की प्रजाति है। मसलन अलग-अलग रंग की सन बर्ड की प्रजाति, नीलकंठ तोते, कबूतर, कौए, कठफोड़वा, सन, मोर, गल-गल चिडिय़ा, ईगल, पैडी और उल्लू भी जेलों में हैं। मोबाइल टावर, पक्के और बड़े मकानों की वजह से गौरैया की प्रजाति में कमी आयी है।

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