गोल्ड का गया जमाना अब जरा इन्हें आजमाना

आर्टीफिशियल ज्वेलरी का बढ़ रहा कारोबार

ट्राइवल ज्वेलरी की डिमांड सबसे ज्यादा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। वैसे तो हर महिला की ख्वाहिश सोने व हीरे की ही ज्वेलरी होती है पर बढ़ती महंगाई में हर कोई सोना व हीरा नहीं खरीद पाता। ऐसे में बाजार में कई ऐसी आर्टीफीशियल ज्वेलरी मौजूद है जो आपको सस्ते में मिल जाएगी और आप स्टाइलिश भी दिखेंगी। इस महंगाई में ट्राइवल, सिल्वर या पर्ल ज्वेलरी खरीद कर इंडियन के साथ वेस्टर्न ड्रेस के साथ पहन सकती है।
लखनऊ के अमीनाबाद के गड़बड़झाला, चौक, पत्रकारपुरम कहीं भी इस तरह की ज्वैलरी आप को मिल जाएगी। सबसे ज्यादा डिमांड ट्राइवल ज्वेलरी की है। ट्राइबल ज्वैलरी का बाजार पीक पर है। यह ज्वेलरी ट्रेंड में तो है ही साथ ही यह मार्केट में बहुत कम दाम में उपलब्ध भी है। 100 से 150 रुपए से लेकर 400 रुपए तक की कीमत में यह ज्वेलरी आपको अमीनाबाद में मिल जाएगी। रमजान का महीना होने के कारण इसकी खरीददारी भी हो रही है। इस ज्वेलरी को इंडियन के साथ-साथ वेस्टर्न ड्रेस के साथ भी पहना जा सकता है। इसके अलावा सिल्वर ज्वेलरी भी डिमांड में है। आजकल हर कोई गोल्ड से ज्यादा सिल्वर ज्वेलरी पहनना पसंद करता है। यह सस्ती तो होती है साथ ही गोल्ड से ज्यादा अट्रेक्टिव और ग्रेसफुल भी लगती है। अब आती है पर्ल ज्वेलरी, जो कभी भी फैशन से बाहर नहीं होती। नेक पीस हो या इयर रिंग। रिंग हो या पूरा सेट। पर्ल ज्वेलरी खूबसूरती में चांद लगाने का काम करती है। यह इस रमजान में अच्छा विकल्प हो सकती है।
गड़बड़झाला में व्यवसायी इकबाल कहते है इधर कई सालों से आर्टीफीशियल ज्वेलरी की डिमांड बढ़ी है। सोना इतना महंगा है कि हर साल त्योहार या शादी-विवाह में खरीदा जा सके। आर्टीफीशियल ज्वेलरी सस्ती भी है और सुंदर भी, इसलिए लड़किया और महिलाएं खरीददारी कर रही है। अभी तो रमजान शुरु हो गया है तो काफी रेंज भी आया है। अमीनाबाद की ही शबा, रूही, साहिरा तथा रूचि ने बताया कि आजकल तो आर्टीफीशियल ज्वैलरी की डिमांड है। कम पैसे में कई खरीद कर स्टाइलिश दिख सकते है। अभी तो रमजान होने की वजह से बाजार में बहुत डिजाइनर ज्वैलरी है। बहुत च्वाइस है।

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