गोमती नगर में भयंकर आग

खरगापुर रेलवे क्रासिंग के पास चूल्हे में खाना बनाते समय उठी चिंगारी से लगी आग

  • तिनका-तिनका जोड़ बना आशियाना देखते ही देखते हुआ खाक 
  • सब कुछ जलने से खाने के पड़े लाले, भूख से बिलख रहे बच्चे
  • एक बार फिर इन गरीबों के सामने आशियाना बनाने की चुनौती

114पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। गोमतीनगर के खरगापुर रेलवे क्रासिंग के पास चूल्हे में खाना बनाते समय उठी चिंगारी से लगभग पचास झोपडिय़ां जलकर राख हो गई। बताया जा रहा है कि आग पास के प्लास्टिक, अखबार व कबाड़ में लगी थी। कबाड़ की वजह से आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना पर पहुंची दमकल की आठ गाडिय़ों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गोमतीनगर फायर स्टेशन के प्रभारी ने बताया कि आग की वजह से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
गोमतीनगर फायर स्टेशन के प्रभारी शेष नाथ यादव ने बताया कि खरगापुर रेलवे क्रासिंग के पास लगभग 100 परिवार झोपड़ी डाल कर रहते हैं। यह लोग कूूड़ा बीनकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। प्रभारी ने बताया कि झोपड़-पट्टी में रहने वाली मरजीना खातून सुबह चूïल्हे में खाना बना रही थी। इस दौरान हवा चलने की वजह से चू्ल्हे की आग पास के प्लाïिस्टक, अखबार व कबाड़ के ढेर में जा लगी। देखते ही देखते विकराल आग ने झोपड़पट्टियों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंचे गोमतीनगर फायर स्टेशन के दमकल ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन कबाड़ व झोपडिय़ों की वजह से आग थमने का नाम नहीं ले रही थी। इस पर गोमतीनगर प्रभारी ने इसकी सूचना हजरतंगज, इन्दिरानगर फायर स्टेशन को दी, जिसके बाद गोमतीनगर, हजरतगंज व इन्दिरानगर से दो-दो दमकल मंगवाए गए। जिसके बाद लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
लोगों ने की मुआवजे की मांग
खरगापुर क्रासिंग के पास झोपड़ी में रहने वाले लगभग सौ परिवारों के सदस्यों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि उनके पास कुछ भी नहीं बचा है। ऐसे में वह कैसे जीवन यापन करेंगे। प्रशासन हमारी मदद करें।

खरगापुर क्रॉसिंग के पास पूरी की पूरी झोपड़-पट्टïी देखते ही देखते खाक हो गई। वर्षों की मेहनत से बनाए गए आशियाने को बर्बाद होने में घंटा भर नहीं लगा। इस आग में इन लोगों का सबकुछ जलकर खाक हो गया है। अब इन लोगों के सामने खाने-पीने से लेकर सर छुपाने का संकट आ गया है। भूख से बिलखते बच्चों को खिलाने के लिए कुछ नहीं है। यहां रहने वाली महिलाओं ने कहा कि अब हम कहां जाएंगे। बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि उनके पास तन के कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है।

‘डिजिटल इंडिया’ का नारा देने वाली भाजपा ’डिजिटल बीजेपी‘में हुई फ्लॉप

  • बीजेपी के ज्यादातर फेसबुक व ट्विटर अकाउंट नहीं रहते अपडेट
  • बीजेपी यूपी फेसबुक पेज पर मिल रहे इक्का- दुक्का लाईक, पोस्ट भी काफी पुराने

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया का नारा दिया था। यह नारा आम जन में बहुत अधिक फेमस भी हुआ। लगा कि प्रधानमंत्री वाकई में नये और उभरते इंडिया की नब्ज को बखूबी समझते हैं। समझना भी चाहिये, आखिर वे देश के प्रधानमंत्री हैं। लेकिन यह भी कहा जाता है कि हर अच्छे काम की शुरुआत खुद के घर से करनी चाहिये। यहां प्रधानमंत्री के घर से मतलब बीजेपी से है। शायद यहां उनसे चूक हो गयी या यूं कहें कि बीजेपी के नेता अपने प्रधानमंत्री की बात को ज्यादा तवज्जों नहीं देते। ऐसा हम इसलिये कह रहे हैं कि जिस डिजिटल इंडिया का नारा चुनाव के वक्त दिया गया था वह डिजिटल बीजेपी में ही फ्लॉप होता नजर आ रहा है। ऐसा इसलिये कि बीजेपी यूपी के ज्यादातर सोशल अकाउंट या तो अपडेट नहीं हैं या फिर उन पर लाइक ही नहीं आ रहे।
गौरतलब है कि बीजेपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से आम जन के बीच प्रचार प्रसार के लिये हर जिले में आई टी सेल का निर्माण किया है। इन आई टी सेल के पदाधिकारियों का काम है कि वह अपने जिले में सोशल मीडिया पर एक्टिव रहें और उसके माध्यम से बीजेपी का प्रचार प्रसार करें। इसी के मद्देनजर हर जिले का अपना एक फसेबुक और ट्विटर अकाउंट भी खोला गया। लेकिन इन सोशल अकाउंट की हालत बेहद खस्ता है। यह तो रही जिलों की बात, वहीं अगर ‘बीजेपी यूपी’ के फेसबुक अकांउट की बात की जाये तो उसके भी हाल कुछ सही नहीं हैं। इस पेज को लाइक तो 19 हजार लोगों ने किया है, लेकिन इसके कमेंट पर लाइक सिर्फ एक्का दुक्का ही मिलते हैं। यह स्थिति कहीं से भी सही नहीं लगती खास कर के तब जब उनका मुकाबला प्रशांत किशोर जैसे डिजिटल माइंडेड इंसान से हो। एक ओर जहां अन्य पार्टियां 2017 को लेकर कमर कस चुकी हैं वहीं बीजेपी की यह लापरवाही उसको तगड़ा झटका न दे दे।

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