गुनाहगार सलमान

दोषी करार दिए जाते ही रोए सलमान, मां बेहोश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

06 May page-1मुंबई। 13 साल पुराने हिट एंड रन केस में 4239 दिन के बाद सलमान खान दोषी करार दिए गए हैं। बुधवार को सेशंस कोर्ट के जज डी.डब्ल्यू. देशपांडे ने सलमान से पूछा- आप पर लगे सारे आरोप साबित होते हैं, आप पर दस साल की सजा बनती है, आपका क्या कहना है? सलमान कुछ नहीं बोले। वकील की ओर देखते रहे। उनका चेहरा लाल हो गया। आंखें नम हो गईं। जज की बातें सुन कर सलमान की मां सलमा बेहोश हो गईं। सलमा को घर ले जाया गया। जाते वक्त उनका माथा चूमते हुए सलमान ने कहा- अम्मी, आप अपना ख्याल रखें, मैं वापसी करूंगा। सलमान की बहन अलवीरा भी रोने लगीं।
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मुम्बई। बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को मुंबई सेशन्स कोर्ट ने हिट एंड रन मामले में दोषी करार दे दिया है। सलमान के खिलाफ सारे आरोप साबित हो गए हैं। कोर्ट ने कहा है कि सलमान नशे में गाड़ी चला रहे थे। गैरइरादतन हत्या के भी दोषी हैं सलमान। अब सलमान की सजा पर बहस शुरू हो गई है। कोर्ट में सलमान का परिवार भी मौजूद है। कानून के जानकारों की मानें तो सलमान को 10 साल तक की सजा हो सकती है। कोर्ट ने सलमान के वकील से कहा कि इस मामले में 10 साल की सजा बनती है, बताइए आप क्या कहते हैं। तो सलमान के वकील ने कहा कि इस तरह का यह पहला मामला है। इससे पहले सलमान खान मुंबई कोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपने पिता सलीम खान के गले लगे। सलमान खान के साथ उनके भाई.बहन भी कोर्ट पहुंच गए। सुनवाई के दौरान उनके माता-पिता कोर्ट नहीं जाते हैं।
सरकारी एडवोकेट प्रदीप घरत के मुताबिक उन्होंने इस केस में कड़ी मेहनत की है और सभी तथ्यों को कोर्ट के सामने पेश किया है ताकि सच सामने आ सके। फैसले के समय कोर्ट और आसपास के इलाके में भारी भीड़ रही। चूंकि मामला सलमान से जुड़ा है इसलिए अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है। कोर्ट परिसर में सलमान खान के फैन्स को रोकने के लिए सभी एहितयाती कदम उठाये गये। कोर्ट के भीतर सिर्फ मीडियाकर्मियों, वकीलों और अदालत के स्टाफ को जाने की इजाजत थी।
क्या है मामला
28 सितंबर 2002 की रात को सलमान खान ने बांद्रा में अमेरिकन एक्स्प्रेस बेकरी के बाहर फु टपाथ पर सो रहे लोगों पर अपनी लैंड क्रूजर कार चढ़ा दी थी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि चार लोग घायल हो गए थे।

नयी जमीन तलाशने में जुटे अजित
 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राष्टï्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह अपनी नई राजनैतिक जमीन तलाशने में जुट गये हैं। इसी इरादे से आज वे लखनऊ आ रहे हैं। यहां लखनऊ स्थित रालोद के प्रदेश कार्यालय में वे किसानों से रूबरू होंगे। बाद में उनका राज्यपाल से मिलने का भी कार्यक्रम है। समूचे देश में इस समय किसानों की समस्याओं को लेकर राजनीति हो रही है। ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सम्पन्न किसानों के बीच अपनी पैठ का दावा करने वाली रालोद के पांव तले पहले ही जमीन खिसक चुकी है। देश और राज्य की राजनीति में पहली बार अजित सिंह अकेले पड़े हैं।
उनके साथ न तो भाजपा है और न ही कांग्रेस। सपा सहित अन्य राजनैतिक दलों का जो नया गठबंधन बन रहा है उसमें भी अजित सिंह के लिये कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। मुलायम सिंह यादव से अजित सिंह का राजनीतिक रिश्ता शुरू से ही खराब रहा है। जब पहली बार जनता दल की सरकार बनी थी तब अचानक अजित सिंह अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में आ डटे थे। वह पूरा चुनाव मुलायम सिंह यादव ने अपने दम पर लड़ा था और उत्तर प्रदेश में वीरबहादुर सिंह और एनडी तिवारी की कांग्रेस सरकारों के पतन का कारण बने थे। जब चुनाव जीत कर उत्तर प्रदेश में जनता दल ने सरकार बनाने की पहल की तो चौधरी चरण सिंह की विरासत को लेकर जंग छिड़ी थी। मुलायम सिंह यादव जहां खुद को चौधरी चरण सिंह का राजनीतिक उत्तराधिकारी साबित करने में कामयाब रहे वहीं अजित सिंह महज चौधरी साहब के बेटे होने की वजह से यूपी में सीएम की गद्दी न हासिल कर सके। तबसे इन दोनों के बीच दरार है। यह दरार इतनी चौड़ी है कि जब विधान भवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण होना था तो मुलायम और अजित के गुट आमने सामने और अलग-अलग बैठे थे। अजित सिंह की मजबूरी यह है कि वह न तो मोदी के साथ जा सकते हैं और न ही मुलायम के। पिछले संप्रग सरकार में वे कांग्रेस के साथ थे।
सीएम अखिलेश ने तीन को किया सस्पेंड
 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सीएम अखिलेश यादव अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सिद्वार्थनगर पहुंचे। हमेशा अधिकारियों के बीच कूल रहने वाले अखिलेश यादव आज सिद्धार्थनगर में बदले-बदले नजर आये। हैलीपैड पर उनका स्वागत विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय और पार्टी के विधायकों ने किया। अखिलेश माता प्रसाद पाण्डेय के ड्रीम प्रोजेक्ट सिद्धार्थनगर यूनिवर्सिटी पहुंचे। वह गौतम बुद्ध के स्तूप पर भी गये और उन्हें श्रद्घांजलि अर्पित की। बात अगर अखिलेश यादव के इस दौरे की करे तो उन्हें वहां पहुंचते ही शिकायतें मिलने का दौर शुरू हो गया। किसी ने सीएमओ की शिकायत की तो कोई बेसिक शिक्षा अधिकारी से नाराज दिखायी दिया।
अमूमन चेतावानी देकर छोड़ देने वाले सीएम अखिलेश यादव ने मौके पर ही तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया । अधिकारियों के सस्पेंशन की खबर जैसे ही बाहर आयी जिले के दूसरे अधिकारी चौकन्ने हो गये। सिद्घार्थनगर दौरे के दौरान सीएम अखिलेश यादव काफी सख्त दिखाई दिये। इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित में फैसले ले रही है। अगर अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभाई तो उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जायेगी। सीएम के दौरे के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में हडक़म्प मच गया है और अधिकारी तथा कर्मचारी सकते में हैं।

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