गुजरात में हाईकोर्ट ने रोका आर्थिक आधार पर आरक्षण, माया पहुंची गुजरात

  • गुजरात के ऊना में दलितों के उत्पीडऩ का मुद्दा गर्माया, मायावती दलित परिवार से मिलने पहुंची
  • भाजपा को आज लगा दोहरा झटका, हाईकोर्ट ने रद्द किया आर्थिक आधार पर आरक्षण
  • मुख्यमंत्री को लेकर मची खींचतान के बीच माया का गुजरात दौरा बढ़ा सकता है भाजपा की परेशानी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलितों के उत्पीडऩ का मुद्दा उठाकर भाजपा की परेशानी बढ़ा दी है। गुजरात के ऊना में दलितों की पिटाई का मुद्दा राज्य सभा में जोर-शोर से उठाने के बाद आज मायावती दलितों से मिलने गुजरात पहुंच गई। गुजरात इस समय भाजपा के लिए वैसे ही परेशानी का सबब बना हुआ है क्योंकि वहां सीएम पद के लिए खींचतान मची हुई है। भाजपा मायावती से निपटने का इंतजाम सोचती उससे पहले ही आज सुबह गुजरात हाईकोर्ट ने सरकार के आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने के फैसले पर रोक लगा दी। जाहिर है अब यूपी चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा के लिए गुजरात का अपना गढ़ बचाना चुनौती बन जायेगा।
गुजरात के ऊना में जानवरों की खाल उतारने को लेकर गौरक्षा समिति और उससे जुड़े संगठनों ने दलितों की बांध कर पिटाई की थी। जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरे देश में हंगामा मच गया था। लोकसभा में कांग्रेस और राज्यसभा में मायावती ने जोर-शोर से यह
मुद्दा उठाया था।
भाजपा पिछले लंबे समय से दलितों को लुभाने में लगी है। भाजपा को लगता है कि लोकसभा चुनाव की तरह अगर दलित उसके साथ रहे तो वह यूपी में भी बढिय़ा प्रदर्शन कर सकती हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती भी जानती है कि भाजपा की निगाह उसके दलित वोट बैंक पर है। यही कारण है कि मायावती लगातार भाजपा शासित राज्यों में दलितों के उत्पीडऩ का मुद्दा जोश-शोर से उठाती रही हैं।
मायावती ने गुजरात जाने का फैसला भी भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरने के लिए किया। माया जानती हैं कि अगर गुजरात में दलितों के उत्पीडऩ का मुद्दा जोर-शोर से उठाएंगी तो इसका असर सीधे पीएम मोदी पर भी पड़ेगा। मायावती के लिए यूपी का चुनाव जीने-मरने का प्रश्न है।
यूपी में अगर वह दलित वोटों को अपने साथ नहीं रख पाईं तो उन्हें भारी नुकसान हो जायेगा। यूपी भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने मायावती के खिलाफ आपत्ति जनक टिप्पणी की थी। दलित वोटों में इसका बेहद नाकारात्मक संदेश गया। यह बात यूपी के संदर्भ में मायावती को राहत देने वाली थी। गुजरात जाकर मायावती संदेश देना चाहती हैं कि यूपी से लेकर गुजरात तक भाजपा की मानसिकता दलित विरोधी ही है। जाहिर है अगर मायावती यह संदेश देने में कामयाब हो गई तो भाजपा की दलितों को जोडऩे की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। भाजपा के शीर्ष नेता माया के दौरे पर पैनी निगाह रखें हैं।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद फिर भडक़ सकता है पाटीदार आंदोलन

गुजरात सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए दस प्रतिशत कोटा देने वाली अधिसूचना को गुजरात हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। मई माह में सरकार ने गैर आरक्षित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले पिछड़े वर्ग के लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण दिया था। यह आरक्षण तब दिया था, जब हार्दिक पटेल ने कुर्मी समुदाय के समर्थन से गुजरात में बड़ा आदोंलन खड़ा कर दिया था। पाटीदार समुदाय अब तक भाजपा के समर्थन में रहा है। हार्दिक पटेल के आंदोलन से भाजपा में हडक़ंप मच गया था। इस समुदाय को अपने साथ जोड़े रखने के लिए गुजरात सरकार ने आरक्षण का यह दांव चला था जो आज हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

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