गिरफ्तार नहीं हाजिर कराने की व्यवस्था बना रहे हैं विभूतिखंड थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा

हिन्दुस्तान अखबार के दफ्तर पर पार्षद और उसके गुर्गों द्वारा हमला करने का मामला

Captureअधिकारियों के लगातार दबाव के बावजूद आरोपी पार्षद पुलिस गिरफ्त से दूर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लोकतंत्र में मीडिया की रक्षा का दावा करने वाले अधिकारी क्या सिर्फ हवा में दावा कर रहे हैं या फिर इसके पीछे कोई गहरा राज है। पुलिस के बारे में कहा जाता है कि वह चाह ले तो बड़ा से बड़ा अपराधी चौबीस घंटे के भीतर सलाखों के पीछे होगा। अधिकारियों के लगातार दबाव के बावजूद विभूति खंड पुलिस बीजेपी के पार्षद को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो पार्षद को विभूतिखंड पुलिस गिरफ्तार नहीं करेगी, क्योंकि उसके कई अवैध कार्यों से पुलिस को एक मोटी रकम मिलती है। सूत्रों का यहां तक कहना है कि जल्द ही पार्षद कोर्ट में हाजिर होगा और उसे जमानत भी मिल जायेगी। विभूतिखंड पुलिस उसके हाजिर होने से लेकर जमानत तक का भी व्यवस्था बना चुकी है। एक सम्मानित समाचार पत्र पर दिन-दहाड़े हमला होता है और हमला करने वाला कोई और नहीं बीजेपी का पार्षद है, इसके बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है तो नेताओं और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठता है। सबसे ज्यादा तो शक विभूतिखंड थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा पर उठता है कि वह वास्तव में पार्षद को गिरफ्तार कर अधिकारियों का मान-सम्मान बचाना चाहते है या फिर अपने ही अधिकारियों को बरगलाने का कार्य कर रहें है, क्योंकि अधिकारी सम्बंधित थानाध्यक्ष को ही निर्देश देगा। फिलहाल जो भी हो लेकिन थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने यह साबित कर दिया कि वह किसी भी कीमत पर पार्षद की गिरफ्तारी नहीं कर पायेंगे। यह अलग बात है कि पार्षद को कोर्ट में हाजिर करा सकते हैं।
एसएसपी के आदेश के बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने विभूतिखंड थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा को चार सितम्बर को साफ तौर पर गिरफ्तारी का आदेश दिया था, लेकिन छह दिन बाद भी आदेश का पालन नहीं हो पाया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पार्षद की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर विनोद मिश्रा अपने कप्तान को जहां बरगला रहे है वहीं अपने व्यक्तिगत कार्यों में लिप्त है।

यह है मामला
18 अगस्त को हिंदुस्तान अखबार के दफ्तर पर हमला हुआ था। दरअसल प्रीतम गौड़ नामक व्यक्ति बाइक से विभूतिखंड में कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से बाइक सवार महेंद्र यादव ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। प्रीतम गिर गए और विरोध जताया तो महेंद्र ने पार्षद के भाई विजय प्रताप यादव उर्फ सोनू को फोन किया। कुछ ही देर में सोनू, दीपक यादव, भानू यादव, धीरेंद्र यादव समेत 200 लोगों के साथ आ धमका। उन्होंने प्रीतम को हेल्मेट व लाठियों से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। उसे पिटता देखकर पहले अखबार के सिक्योरिटी गार्डों ने बीच-बचाव किया और प्रीतम को बचाकर अपने दफ्तर में ले गए। इससे गुस्साए हमलावर हिंदुस्तान के दफ्तर में घुस गए और तोडफ़ोड़ तथा मारपीट करने लगे। इस मामले में पुलिस ने गुलाम हुसैन पुरवा निवासी दीपक यादव, रिसहापुरवा निवासी महेंद्र यादव, पार्षद के भाई विजय प्रताप यादव और महेंद्र के भाई वीरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि पार्षद पर हाथ डालने से पुलिस कतरा रही है।

Pin It