‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की निगरानी में उत्तर प्रदेश बनाएगा वर्ल्ड रिकार्ड

  • सोमवार को सुबह 10 बजे से रोपे जायेंगे 10 करोड़ पौधे, सीएम अखिलेश यादव कानुपर से करेंगे इसकी शुरूआत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रदेश में गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड्स की टीम की निगरानी में सोमवार को पांच करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए चिन्हित किए गए छह हजार से ज्यादा स्थानों पर पौधे पहुंचा दिए गए हैं।
सीएम अखिलेश यादव रसूलाबाद (कानपुर देहात) और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव कुकरैल (लखनऊ) में पौधरोपण कर इस महाअभियान की शुरुआत करेंगे। वन मुख्यालय पर शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ने बताया कि अभियान सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू होगा। 24 घंटे में पांच करोड़ पौधों की रोपाई के लिए चयनित 6166 स्थलों पर पौधे पहुंचा दिए गए हैं।
वेबसाइट पर चयनित स्थलों के पॉलीगन भी अपलोड कर दिए गए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति इन स्थानों का मौका मुआयना कर सके। ‘द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी), नई दिल्ली और गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड्स के ऑडिटर पूरे अभियान की निगरानी करेंगी।
सचिव, वन सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्यालय स्थित कमांड सेंटर में पौधरोपण अभियान की पल-पल की खबर उपलब्ध रहेगी। इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
विभिन्न प्रजातियों के 3-12 फीट तक के पौधे रोपे जाएंगे
खास बात यह है कि सभी रोपण स्थलों से ये सूचनाएं ऑनलाइन ही मंगाई जाएंगी। इसमें कहीं किसी पेपर का इस्तेमाल नहीं होगा। मिशन डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने बताया कि लगाए जाने वाले पौधों की सिंचाई और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। विभिन्न प्रजातियों के 3-12 फीट तक के पौधे रोपे जाएंगे। इस काम को दस लाख से ज्यादा श्रमिकों की मदद से पूरा किया जाएगा। निगरानी संस्थाओं के निर्णायक मंडल के सदस्य भी कई जगहों पर मौजूद रहेंगे, मगर इन संस्थाओं ने उन जगहों का खुलासा नहीं किया है। यहां बता दें पौधरोपण का विश्व रिकॉर्ड बना या नहीं, यूपी को इसका प्रमाणपत्र निर्णायक मंडल की रिपोर्ट के आधार पर ही मिलेगा।
पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे एंटी वेनम सीरम
प्रमुख सचिव, वन संजीव सरन ने बताया कि पौधरोपण के दौरान लोगों को सांप काटने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है कि प्रत्येक जिले में एंटी वेनम सीरम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए जाएं। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चत कराने के लिए भी निर्देश दे दिए गए हैं।

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