गाली देने वाले थानाध्यक्ष देवेन्द्र दुबे पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई

क्या हनक खत्म हो गई आईजी नवनीत सिकेरा की

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एक दारोगा आईजी पर भारी पड़ जाए यह कहानियों में ही लोगों ने सुना होगा लेकिन हकीकत में भी ऐसा होता है। आईजी नवनीत सिकेरा को गाली देने वाला गाजीपुर थानाध्यक्ष दो दिन बाद तक अपनी कुर्सी पर जहां मौजूद है वहीं पुलिस अधिकारियों में इस थानाध्यक्ष की पहुंच को लेकर जबरदस्त चर्चा है। हर कोई दबी जुबान से यह चर्चा कर रहा है कि गाली देने के बाद भी दुबे कुर्सी पर विराजमान है। फिलहाल जांच में भी दुबे ने स्वीकार किया है कि उसने आईजी को गाली दी है। सीडीआर में भी कॉल की पुष्टि हुई है। जबकि आडियो वायरल होने पर दुबे अपने अधिकारियों और मीडियाकर्मियों से झूठ बोलता रहा कि उसने ऐसी कोई बात नहीं की है। उसके आवाज की नकल की गई है। इस मामले में देर शाम तक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट सौंपने का अंदाजा लगाया जा रहा है। इसके बात अधिकारी कार्रवाई करते है या नहीं यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है।

बता दें कि मंगलवार की देर शाम एक आडियो क्लिप वायरल हुई। इस क्लिप में गाजीपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र दुबे अपने साथी थानाध्यक्ष से बात करते हुये इतना तक कह दिया है कि उसकी पोस्टिंग को लेकर आईजी नवनीत सिकेरा भी उसका कुछ नहीं उखाड़ पाये। इतना ही नहीं गंदी गाली भी आईजी सिकेरा को दी गई है। इस मामले में जब पत्रकारों ने देवेंद्र दुबे से बात कर इस मामले की पुष्टि करने का प्रयास किया तो वह झूठ बोलते हुये कहा कि वह खुद ही आश्चर्य चकित है कि उसके आवाज की नकल कौन कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ इस मामले में जानकारी होने पर एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने मंगलवार की देर रात को एएसपी टीजी को मामले की जांच सौंप दी। एएसपी टीजी ने बुधवार की देर रात तक इस मामले में देवेंद्र दुबे और दूसरी तरफ बात करने वाले साथी थानाध्यक्ष का बयान दर्ज किये। सूत्र बताते है कि इस मामले में देवेंद्र दुबे एएसपी टीजी को भी बरगला रहा था। लेकिन जब एएसपी टीजी ने सीडीआर की बात बताई तो उसने स्वीकार किया कि उसने ही इस तरह से बात की है। इसके साथ ही साथी थानाध्यक्ष ने भी बात करना स्वीकार किया।

शाम तक सौपेंगे रिपोर्ट
एएसपी टीजी मनिराम सिंह ने बताया कि दोनों थानाध्यक्षों का बयान दर्ज हो चुका है। दोनों ने बात करना स्वीकार किया है। इतना ही नहीं सीडीआर में भी कॉल करने की पुष्टि हुई है। सम्भवत: आज शाम पर रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दिया जायेगा।

आइये जानते हैं थानाध्यक्ष देवेंद्र दुबे की खूबिया

घटना होने पर अधिकारियों और पत्रकारों से छिपाना। -घटना को बदलकर बताना। -पीडि़त पक्ष से मनमाफिक तहरीर लिखवाना। –अधिकारियों और पत्रकारों को पीठ पीछे गाली देना। -थानाध्यक्ष की कुर्सी के लिये कुछ भी कर गुजरने का जज्बा रखना। -अधिकारियों का भी आदेश नहीं मानना और उनको धोखा देना। -चमचागिरी करने में माहिर।

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