गाय को माता बताने वाली भाजपा ने बीफ कंपनियों से लिया ढाई सौ करोड़ का चंदा!

भाजपा के इस कृत्य का विपक्षी पार्टियों ने किया जमकर विरोध
बीफ के मुद्ïदे पर भाजपा नेताओं ने किया था हंगामा

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। हाल ही में देश में बीफ को लेकर काफी हो हल्ला मचा। यूपी के दादरी कांड के बाद बीफ का मुद्ïदा इतना उछला कि विदेशों में भी इसकी चर्चा हुई। हालात ऐसे बन गये कि लेखकों और साहित्यकारों ने भी इसके विरोध में अपने पुरस्कार वापस किये। इस पूरे मामले में भाजपा नेताओं ने काफी हंगामा किया। कई ने तो इस पर बैन लगाने की मांग की। अब आपको जानकर हैरानी होगी कि भाजपा खुद बीफ एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों से चंदा लेती है। इस खुलासे से एक बार फिर सियासी बवंडर खड़ा हो गया है। जहां विपक्षी दल इस मामले को लेकर भाजपा की निंदा कर रहे हैं वहीं भाजपा बैकफुट पर आ गई है।
प्रदेश के दादरी कांड के बाद भाजपा ने बिहार में गोमांस को मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद बिहार के नवादा जिले में एक चुनावी रैली के दौरान गुलाबी क्रांति का विरोध भी किया था। भाजपा नेताओं के बीफ को लेकर दिये गये बयान के बाद सियासी पारा भी चढ़ा और तब से लेकर अब तक असहिष्णुता पर बहस जारी है। निर्वाचन आयोग की वित्तीय वर्ष 2013-2014 की रिपोर्ट की बात करें तो भाजपा ने मीट निर्यात करने वाली कंपनियों से २५० करोड़ रूपये चंदे के रूप में प्राप्त किया है। बताया जा रहा है कि यह कंपनियां भैंस का मीट निर्यात करती हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान कंपनियों ने दान के रूप में यह पैसा दिया था। यह सारी कार्यवाही विजया बैंक के जरिये हुई। जिन कम्पनियों ने दान के रूप में भाजपा को पैसा दिया। उनमें फ्रिगोरिफिको अल्लाना लिमिटेड, फ्रिगिरियो कन्सवा अल्लाना लिमिटेड और इंडाग्र फूड्स लिमिटेड हैं। आपको बता दें कि वर्ष 2014-2015 में फ्रिगोरिफिको अलाना लिमिटेड ने भाजपा को चंदे के रूप में ५० लाख रूपये दियें। यह कम्पनियां मीट निर्यात करने के मामले में बाजार की प्रमुख कम्पनियों मे से हैं। कंपनी शेयर बाजार में भी लिस्टेड हैं।
भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। जब मोदी जी लोकसभा चुनाव के लिये पूरे देश में घूम रहे थे तो उन्होंने वादा किया कि अच्छे दिन लायेंगे। भ्रष्टïाचार और कानून व्यवस्था में गड़बड़ी के रूप में अच्छे दिन आ ही गये। भाजपा जो कहती है उसके उलट काम करती है। चुनाव में जो 20 हजार करोड़ खर्च किया गया है वह कहां से आया, चाहे लोकसभा व बिहार चुनाव का मामला हो।
-राम अचल राजभर, बसपा

मेरी जानकारी में नहीं है देख लेता हूं तब बात करूंगा।
-विजय बहादुर पाठक प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

भाजपा दोहरे चरित्र और दोहरी बोली की पार्टी है। बोलती कुछ है और करती कुछ है। इनका चरित्र हमेशा से दोहरा रहा है यह गाय के नाम पर जनता को गुमराह करते हैं। इससे ज्यादा घटिया राजनीति का उदाहरण क्या होगा।
-सत्यदेव त्रिपाठी, कांग्रेस

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