गायत्री प्रजापति, जरीना उस्मानी सहित कई पुलिसवालों पर केस दर्ज

नूतन ठाकुर की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सामाजिक कार्यकर्ता और आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की तहरीर पर कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, महिला आयोग की अध्यक्षा जरीना उस्मानी, सदस्य अशोक पांडेय सहित कई पुलिसवालों पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इन सभी लोगों पर नूतन ठाकुर ने आरोप लगाया है कि षडयंत्र के जरिये फर्जी महिला खड़ी कर उनके और उनके पति आईजी अमिताभ ठाकुर को बलात्कार और मारपीट जैसे गंभीर मामलों में फंसाया गया है। मंत्री पर एफआइआर तो पहले ही दर्ज हो चुकी थी, पर उक्त मुकदमे का खुलासा तब हुआ जब सीजेएम कोर्ट में थाने द्वारा आख्या पेश की गई। इस खुलासे के बाद साबित हुआ कि लखनऊ पुलिस माननीयों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने से जहां कतराती है वहीं इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भी छिपाती है।
एफआईआर में नूतन ठाकुर ने बताया है कि खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ लोकायुक्त के समक्ष परिवाद दायर करने के बाद उन्हें व उनके पति अमिताभ ठाकुर को पहले फोन पर कई बार धमकी मिली। इतना ही नहीं दो अलग-अलग महिलाओं के नाम से महिला आयोग के माध्यम से अमिताभ के ऊपर अपनी पत्नी के सहयोग से ही बलात्कार का आरोप लगाया गया था। आरोप लगाने वाली एटा की महिला का नाम और पता गलत निकला जबकि गाजियाबाद की महिला के अलग-अलग अभिलेखों पर अलग-अलग हस्ताक्षर निकले थे। इस संदर्भ में नूतन ठाकुर ने एफआईआर दर्ज करने के लिए 10 जून 2015 को थानाध्यक्ष गोमतीनगर को प्रार्थना-पत्र दिया था जबकि इसके अगले दिन डीआईजी लखनऊ आर के चतुर्वेदी से मिली थी। एफआईआर नहीं दर्ज होने पर पति-पत्नी ने 15 जून को तत्कालीन डीजीपी एके जैन को भी प्रार्थना-पत्र दिया। इसके बावजूद भी मुकदमा नहीं दर्ज हुआ तो 19 जून को पति-पत्नी डीजीपी ऑफिस पर धरने पर बैठ गये, जिसके बाद गुपचुप रूप से गोमतीनगर थाने में 20 जून को एफआईआर दर्ज कर ली गई लेकिन इसकी जानकारी वादी से छिपायी गई। इसका खुलासा सीजेएम कोर्ट में थाने द्वारा आख्या प्रस्तुत करने पर हुआ। मुकदमा 467, 468, 471, 420, 203,120 आईपीसी की धाराओं में दर्ज किया गया है।

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