गहराया व्यापमं घोटाले का रहस्य

यह कितना बड़ा घोटाला है इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। इस घोटाले से पर्दा उठे दो साल होने को है पर अभी तक सिर्फ गिरफ्तारियां और मौतें ही सामने आ रही हैं। मुश्किल यह है कि इस बारे में कोई भी ठीक-ठीक जानकारी देने के लिए तैयार नहीं कि इस घोटाले से किसी भी तरह जुड़े रहे कितने लोग वास्तव में संदिग्ध परिस्थितियों में मरे हैं और कितनी मौतें स्वाभाविक रूप में हुई हैं?

व्याsanjay sharma editor5पमं घोटाले से जुड़े लोगों की लगातार हो रही मौत से इसका रहस्य गहराता जा रहा है। पिछले 48 घंटों में तीन लोगों की मौत ने अनेक सवाल खड़े कर दिये हैं। सोमवार सुबह प्रशिक्षु महिला पुलिस उप निरीक्षक की तालाब में लाश मिली तो इस घोटाले की छानबीन करने गए एक पत्रकार की मौत और इस घोटाले की जांच में सहयोग कर रहे मेडिकल कॉलेज के डीन की मौत गंभीर सवाल खड़े करती है। 24 घंटे के भीतर दो मौत। सबसे बड़ा रहस्य तो यह है कि इस घोटाले में शामिल अथवा आरोपी या गवाह रहे कई लोगों की रहस्यमय हालत में मौत हो चुकी है। राज्य सरकार की मानें तो इस मामले से जुड़े करीब 25 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि कांग्रेस का दावा है कि पत्रकार समेत करीब 46 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। यही वजह है कि कांग्रेस मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमलावर है और सीबीआई जांच की मांग कर रही है।
व्यापमं घोटाला सरकारी नौकरियों और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए हुआ एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है। इस मामले में 55 केस दर्ज हैं। 2530 लोगों पर आरोप हैं तो 1,980 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। यह कितना बड़ा घोटाला है इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। इस घोटाले से पर्दा उठे दो साल होने को है पर अभी तक सिर्फ गिरफ्तारियां और मौते ही सामने आ रही हैं। मुश्किल यह है कि इस बारे में कोई भी ठीक-ठीक जानकारी देने के लिए तैयार नहीं कि इस घोटाले से किसी भी तरह जुड़े रहे कितने लोग वास्तव में संदिग्ध परिस्थितियों में मरे हैं और कितनी मौतें स्वाभाविक रूप
में हुई हैं?
यह आश्चर्यजनक है कि अभी भी इस घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ के अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। इस घोटाले से सबसे पहले पर्दा तब उठा जब 7 जुलाई, 2013 को मध्य प्रदेश के इंदौर में पीएमटी की प्रवेश परीक्षा में कुछ छात्र फर्जी नाम पर परीक्षा देते पकड़े गए और पुलिस ने इसके मास्टरमाइंड डॉक्टर जगदीश सागर को गिरफ्तार किया। डॉक्टर जगदीश सागर की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि मध्य प्रदेश का व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं का दफ्तर इस धंधे का अहम अड्ïडा है।
अच्छी बात है कि देर से ही सही केंद्र सरकार इस मामले की गंभीरता समझती दिख रही है और केंद्रीय वित्तमंत्री की ओर से यह कहा गया है कि वह इस घोटाले से जुड़े लोगों की संदिग्ध हालत में मौतों की निष्पक्ष जांच कराएंगे। अच्छा हो कि जल्द ही यह तय हो जाए कि यह निष्पक्ष जांच कैसे होगी?

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