गर्वनर के संज्ञान लेने के बाद भी एमबी क्लब का अडिय़ल रुख बरकरार

कल्बे सादिक एमबी क्लब विवाद
क्लब मेंबर्स ने कहा गवर्नर बेवजह मुद्ïदे को दे रहे हैं तूल, यह क्लब का आंतिरक मामला

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। धर्मगुरु कल्बे सादिक के कुर्ता-पायजामा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। गवर्नर रामनाईक ने क्लब से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। कल्बे सादिक ने मांग की है कि अब समय आ गया है जब अंग्रेजों के बनाये कानूनों को बदला जाए। इतना सब कुछ होने के बाद भी एमबी क्लब के बर्ताव में बदलाव नहीं आया है। क्लब के सचिव ने इसे कमेटी द्वारा बनाए गये कानून के कारण कुर्ता पायजामा ड्रेस कोड को हटाने से साफ मना कर दिया है, वहीं क्लब मेंबर्स ने गवर्नर राम नाईक पर हल्ला बोल दिया है। उनका कहना है कि गवर्नर के पास कोई काम नहीं है और वह क्लब के काम काज में अड़ंगा लगा रहे हैं ।
धर्मगुरु कल्बे सादिक ने इस पूरे प्रकरण पर कहा है कि यह क्लब की चूक हो सकती है। उन्हें जब पता चला कि कुर्ता पायजामा पहन कर कोई व्यक्ति क्लब में नहीं जा सकता है तो वह लौट आये। गवर्नर राम नाईक का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि अंग्रेजों के बनाए रूल खत्म करना चाहिए ।
क्लब के सचिव ने इस पूरे प्रकरण पर सिर्फ इतना कहा है कि यह नियम है और सिर्फ नियमों का पालन किया गया है। उन्हें नहीं पता था कि कोई विषेश व्यक्ति कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहा हैं। पूरे प्रकरण पर क्लब मेंबर्स क्लब के साथ दिखायी दे रहे हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं कि राज्य के प्रथम व्यक्ति ने इस प्रकरण पर अफसोस जाहिर किया है। उन्हें तो बस अपनी मौज मस्ती की परवाह है। उनका कहना है कि गर्वनर के पास कोई काम नहीं इसलिए वह बेवाजह के मुद्ïदों को तूल दे रहे हैं।
कल्बे सादिक के अपमान की खबर जंगल में आग की तरह फैल गयी है। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा है कि कुर्ता पायजामा धार्मिक नहीं बल्कि नेशनल ड्रेस है। इसे पंडित नेहरू से लेकर ज्ञानी जैल सिंह तक पहना करते थे। ऐसे में क्लब को चाहिए कि वह हठधर्मिता छोड़े और कुर्ता पायजामा पर से प्रतिबंध हटाये। इसके लिए उन्होंने रक्षा मंत्री को पत्र लिखने की भी बात कहीं है।

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