गरीब छात्र निजी स्कूलों में दाखिले के लिए 15 जून तक कर सकते हैं आवेदन

  • 25 फीसदी सीटों पर मिलेगा गरीब बच्चों को दाखिला

  • एक जुलाई तक होगा स्कूलों में दाखिला

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। निजी स्कूलों में अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निशुल्क दाखिले के लिए अब 15 जून तक आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए छात्रों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच के बाद बीएसए जिलाधिकारी से अनुमति मिलने के बाद एक जुलाई तक बच्चों को दाखिला दिलाएंगे।
आरटीई एक्ट के मुताबिक सभी निजी स्कूलों को उनके यहां आठवीं तक हर कक्षा में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को निशुल्क दाखिला देना होता है। निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से इस साल कुछ बदलावों के साथ दाखिले के लिए शासनादेश 25 फरवरी को जारी किया गया था। अभी तक दाखिले के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 28 फरवरी थी। आवेदन के लिए महज दो दिन का वक्त मिलने के कारण बहुत कम फॉर्म ही आए। इस पर विभाग द्वारा आवेदन करने की अंतिम तारीख में बदलाव कर दिया गया है। 28 फरवरी के बजाय अब चार चरण में जिलाधिकारी निशुल्क दाखिलों को अनुमति देंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा के सचिव आशीष कुमार गोयल ने शासनादेश जारी कर दिया है।
अंतिम तिथि निकलने के बाद भी मिलेगा मौका
शासनादेश में साफ किया गया है कि अंतिम तारीख का हवाला देकर निजी स्कूल बच्चे को निशुल्क दाखिले से मना नहीं कर सकते। आरटीई के मुताबिक, बच्चा पूरे साल दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है। बच्चे को उसकी उम्र के हिसाब से कक्षा में दाखिला देना स्कूल की जिम्मेदारी है। नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू होना है। लिहाजा
कोशिश की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा एडमिशन नए सत्र की शुरुआत से पहले ही हो जाए।
निजी स्कूल करते हैं मनमानी
गरीब बच्चों के दाखिले में निजी स्कूल रूचि नहीं लेते हैं। प्रशासन को कोशिशों के बाद भी निजी स्कूल गरीब बच्चों का दाखिला लेने नहीं चाहते। पिछले शिक्षण सत्र में निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने में बेसिक शिक्षा विभाग को छींके आ गई थी। सीएमएस ने तो एडमिशन लेने से साफ मना कर दिया और और तो और मामला कोर्ट तक पहुंच गया था।

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