गरीबों के लिए आज भी सुलभ नहीं इलाज

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.सी. तिवारी ने दिया इलाज का आश्वासन
बीपीएल कार्डधारकों के लिए है मुफ्त इलाज की व्यवस्था

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सरकार लाख दावे करे लेकिन आज भी गरीब मरीजों को इलाज मिलना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। एक तो गरीबी उस पर गम्भीर बीमारी, किसी के लिए अभिशाप से कम होती है। गरीबों की इस तकलीफ से स्वास्थ्य महकमे के कुछ आला अधिकारियों को इससे सरोकार नहीं है। उनके लिए पहले कागजी कार्रवाई जरूरी है फिर मरीजों को इलाज। स्वास्थ्य महकमा भी बाबूगिरि से अछूता नहीं है। ऐसा ही एक मामला किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में देखने को मिला। कुशीनगर से आए एक मरीज जिसकी एक किडनी है और वह भी खराब हो चुकी है, के इलाज के लिए भटकने को मजबूर है।
कुशीनगर निवासी महेन्द्र जो गंभीर बीमारी से पीडि़त है। महेन्द्र की एक किडनी है और वह भी खराब है। महेन्द्र इलाज के लिए केजीएमयू आया था लेकिन उसका इलाज शुरू होने से पहले विवि में कार्यरत बाबू लोग कार्ड के खेल में ऐसे उलझाए हुए है कि उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। दरअसल महेन्द्र (40) पिछले कई सालों से चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज करा रहा था। पैसे के अभाव में उसके परिजनों ने केजीएमयू में इलाज कराना शुरू किया लेकिन पैसे खत्म होने के बाद केजीएमयू में उसका इलाज बंद कर दिया गया। जबकि मरीज बीपीएल कार्डधारक है। महेन्द्र की पत्नी के अनुसार पैसे न होने के चलते यहां इलाज कर रहे लोगों ने कहा कि पैसे की व्यवस्था करो उसके बाद ही इलाज हो पायेगा। तब से कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। वहां बैठे बाबू ने बताया तुम्हारा कार्ड एक्सपायर हो चुका है। इसलिए यहां से कोई सहायता नही मिल पायेगी।

बीपीएल कार्ड धारकों के लिए है मुफ्त इलाज की व्यवस्था
किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में असाध्य रोगों से पीडि़त बीपीएल कार्डधारक मरीजों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था है। उसके बाद भी यहां के कर्मचारियों द्वारा मरीज और उनके परिजनों को सही जानकारी उपलब्ध कराने में भी समस्या हो रही है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने दिया इलाज का भरोसा
जब महेन्द्र का इलाज शुरु नहीं हो पाया तो उसके परिजन केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डा. एस.सी. तिवारी से मिले। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए गम्भीर मामला मानते हुए मरीज के इलाज में हर सम्भव मदत का भरोसा दिया।
कुछ कारणों से मरीज के इलाज में समस्या आ रही थी। मरीज के परिजन मुझसे मिले थे । हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे कि मरीज के इलाज में कोई समस्या न हो।

-मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय।

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