खोए में मिलावट कहीं आपका हाजमा न बिगाड़ दे, बाजार में बिक रहा नकली खोवा

  • राजधानी में बाहर से आने वाले उत्पादों में मिलावट का अधिक खतरा

  • खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मिलावटखोरों के खिलाफ छेड़ा अभियान

  • खोवा, दूध और मिठाइयों में मिलावट करने वालों पर रहेगी खास नजर

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। त्यौहारों का मौसम आते ही खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों का गिरोह अधिक सक्रिय हो जाता है। राजधानी में आस-पास के जिलों से रोजाना आने वाले दूध और खोवा की मांग बढ़ जाती है। बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक मिलावट का खतरा रहता है। यह बात त्यौहारों के दौरान दूध और खोवा मण्डी से भरे गये नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट ने सच साबित कर दिया है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होली के त्यौहार पर लखनऊ में आसपास के जिलों से आने वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष नजर रखने का फैसला किया है। इसी को ध्यान में रखकर खोवा और दूध मण्डी में छापेमारी करने की रणनीति बनाई गई है।
होली के त्यौहार पर घरों में तरह-तरह की मिठाइयां, गुझिया, नमकीन और समोसे बनते हैं। इसमें गुझिया बनाने के लिए खोवा की डिमांड सबसे अधिक होती है। खोवा बनाने के लिए दूध की जरूरत होती है। इस जरूरत को लखनऊ से सटे हरदोई, सीतापुर और उन्नाव जिले से दूध मंगवाकर पूरा किया जाता है। लेकिन बाहरी जिलों से लखनऊ में आने वाले दूध और खोवा में मिलावट भी खूब की जाती है। दूध और खोवा के व्यापारी अपने मुनाफे की लालच में आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने में जरा भी संकोच नहीं करते हैं। आलम ये है कि त्यौहारों के मौसम में यूरिया और वाशिंग पाउडर मिलाकर दूध बनाने और खोवा में कच्चा आलू और शलजम पीसकर मिलाने का काम भी धड़ल्ले से किया जाता है। इन दोनों पदार्थों का सेवन इंसान की सेहत के लिए खतरनाक साबित होता है। लेकिन खोवा और दूध का व्यापार करने वाले लोग 40 रुपये खर्च करके 100 रुपये का मुनाफा कमाने की फिराक में लगे रहते हैं। इसलिए त्यौहारों के मौसम में मिलावटी खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है।
त्यौहारों पर बिकने वाली मिठाइयों में हो रही मिलावट
जिले में मिलावटखोरों के हौसले बुलंद है। खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला की एक साल के अंदर आने वाली रिपोर्ट के मुताबिक शहर में बिकने वाला सरसो का तेल, फाच्र्यून ऑयल, मावा, बेसन, मिठाई, चाट और दूध समेत अनेकों उत्पाद अधोमानकी पाये गये हैं। पिछले साल दीपावली के मौके पर लिये गये 62 नमूनों में से 40 प्रतिशत नमूने जांच में फेल पाये गये थे। इसमें शहर के कई नामचीन दुकानों और प्रतिष्ठानों से लिये गये नमूने भी शामिल थे। इसी वजह से जिला प्रशासन ने होली के मौके पर भी लोगों को बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होली की वजह से मार्च की शुरुआत से ही लखनऊ में बिकने वाले दूध, खोवा, मिठाई, सरसो का तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाली दुकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। इसमें टीम की तरफ से मिठाई की दुकानों में बिकने वाले सामान के साथ ही मिठाई बनने की प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक शहरी क्षेत्र की दर्जनों दुकानों पर मिठाई और दूध से बने अन्य उत्पादों को बनाने में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है। इसके साथ ही होली पर राजधानी में बाहर से आने वाले दूध और खोवा में भी मिलावट की आशंका व्यक्त की गई है। इसी को ध्यान में रखकर गुरुवार को खोवा मण्डी में छापेमारी की गई थी। वहां 10 लाख रुपये कीमत का खोवा नष्ट करवाया गया। इस तरह के खोवा का खाने में इस्तेमाल आम आदमी की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता था। महत्वपूर्ण बात ये है कि अधिकांश खोवा मण्डियों में लखनऊ के अलावा हरदोई, सीतापुर और उन्नाव जिलों के व्यापारी खोवा बेचने आते हैं। इन व्यापारियों के पास 24-48 घंटे पुराना खोवा होता है, जो नियंत्रित तापमान में न रखे होने की वजह से जल्दी खराब हो जाता है। इसी खोवा को मण्डी में आने वाले मिठाई दुकानदारों को सस्ते रेट पर बेच दिया जाता है। इसके बाद उसका इस्तेमाल मिठाई बनाने में किया जाता है। ऐसे खोवा से बनी मिठाइयां इंसान की सेहत के लिए खतरनाक होती हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लखनऊ में बाहर से आने वाले खोवा पर खास नजर रखने का फैसला किया है।
घर पर बनाएं मिठाई व नमकीन
खाद्य पदार्थों में मिलावट से बचने का सबसे बेहतर तरीका घर पर बने सामानों का इस्तेमाल करना है। इसलिए मिठाई के शौकीन दूध लेकर घर पर खोवा बना सकते हैं। उससे गुझिया, बर्फी और अन्य कई प्रकार की मिठाइयां बना सकते हैं। इसके अलावा घर पर छेना का रसगुल्ला भी बना सकते हैं। जिन लोगों को नमकीन खाना पसंद है, वे अपने घर पर बेसन, मूंगफली, चूड़ा व अन्य सामानों का इस्तेमाल कर स्वादिष्ट नमकीन बना सकते हैं। मैदा से बेहतरीन नमक पारा और मटरी भी बनाई जा सकती है। इनको घर के लोगों को खिलाने के अलावा मेहमानों को भी खिलाया जा सकता है।

होली के त्यौहार पर मिलावटखोरी पर रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसमें लखनऊ में आस-पास के जिलों से आने वाले दूध और खोवा पर खास नजर रखी जा रही है। बाहरी खाद्य पदार्थों की सैम्पलिंग भी कराई जा रही है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की जिन दुकानों पर सबसे अधिक मिठाइयों की बिक्री होती है, वहां भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम छापेमारी करेगी और आम जनता को गुणवत्तापरक खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने का हर संभव प्रयास करेगी।
-धर्मराज मिश्रा,
अभिहीत अधिकारी,
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ

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