खाद्यान्न के सुरक्षित उठान की व्यवस्था में बदलाव की तैयारी

  • आवश्यक वस्तु निगम की जगह मार्केटिंग शाखा करेगी राशन का उठान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत लाभार्थी परिवारों को समय से पूरा खाद्यान्न देने के लिए आपूर्ति विभाग ने लखनऊ में उठान का जिम्मा उप्र राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) से छीन कर मार्केटिंग शाखा को सौंपने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। एसएफसी यहां पूरा राशन नहीं उठा पा रहा था, जिससे गरीब उपभोक्ताओं के हिस्से का राशन लैप्स हो रहा था। इतना ही नहीं गोदामों में खाद्यान्न सडऩे से लेकर कालाबाजारी तक की शिकायतें भी लगातार मिल रही थीं। इसलिए प्रशासन ने खाद्यान्न के उठान की प्रणाली में बदलाव का निर्णय लिया है।
एसएफसी के पास लखनऊ सहित प्रदेश के करीब दो दर्जन जिलों में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम से खाद्यान्न लाकर अपने गोदाम में रखने और सत्यापन के बाद राशन दुकानों तक पहुंचाने का दायित्व है, लेकिन एसएफसी इसमें हर कदम पर फेल साबित हुआ है। इतना ही नहीं विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध साबित हुई है। ठेकेदारों के साथ मिलीभगत के चलते एसएफसी के ट्रक एफसीआई से निकलकर सीधे बाजार पहुंचने लगे। सत्पापन तो दूर की बात रही, खाद्यान्न राशन दुकानों तक भी नहीं पहुंचा। यही वजह थी कि लखनऊ में खाद्य सुरक्षा योजना लागू होने के पहले महीने में ही 35 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद्यान्न गायब हो गया। खाद्य आयुक्त अजय चौहान ने बताया कि खाद्यान्न के उठान की नई व्यवस्था से संबंधित सारी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरएफसी के अधिकारी इसके इंतजाम में लग गए हैं। दूसरी तरफ अप्रैल में एसएफसी के शीर्ष अधिकारियों ने काम में सुधार लाकर लखनऊ का काम हाथ से न जाने देने का दावा किया था। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की मुश्किलें भी कम नहीं हुई हैं। ऐसे में खाद्यान्न के उठान की नई व्यवस्था से सुधार की उम्मीद नजर आने लगी है लेकिन हकीकत में कार्डधारकों को लाभ मिलेगा यह तय नहीं है।

 

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