खरीदे जाने वाले कंबलों की गुणवत्ता का रखें ख्याल: आलोक रंजन

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि अत्यधिक ठण्ड एवं शीतलहरी के संभावित प्रकोप से निराश्रित एवं असहाय तथा कमजोर वर्ग docterके असुरक्षित व्यक्तियों के बचाव हेतु कम्बलों की खरीद नियमानुसार समय से सुनिश्चित कराकर वितरण की कार्यवाही समय से सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि क्रय किये जाने वाले कम्बलों के मानक के अनुसार शत-प्रतिशत गुणवत्ता अवश्य सुनिश्चित की जाये तथा लाभार्थियों को कम्बल वितरण के समय उसकी फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुये प्रतिदिन कम्बल वितरण की पूर्ण जानकारी स्थानीय समाचार पत्रों और मीडिया को अवश्य दी जाये।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को परिपत्र भेजकर दिये हैं। उन्होंने कहा कि कम्बलों का वितरण यथासंभव जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जनपदों में वितरण हेतु खरीदे गये कम्बलों में से एक कम्बल पर जिलाधिकारियों को स्वयं हस्ताक्षर कर सीलबंद करके राहत आयुक्त कार्यालय को तत्काल भेजना होगा, ताकि कम्बल की गुणवत्ता को देखा जा सके। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करना होगा कि अत्यधिक ठण्ड एवं शीतलहरी के कारण किसी की भी मृत्यु, भोजन, वस्त्र, आश्रय एवं चिकित्सा के अभाव में न होने पाये। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ठण्ड एवं शीतलहरी से सामान्य जन, विशेषकर कमजोर वर्ग के लोगों को बचाया जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत आदि द्वारा निराश्रित एवं असहाय तथा कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को ठण्ड से बचाव के लिये इन क्षेत्रों में स्थापित होने वाले रैन बसेरा, शेल्टर होम में रुकने वाले लोगों के लिये आवश्यक समस्त उपायों के साथ अलाव जलाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं।
श्री रंजन ने मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि जनपदों के सार्वजनिक चिन्हित स्थानों पर जलाये जाने वाले अलावों का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही उन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी स्थानीय समाचार पत्रों एवं मीडिया के माध्यम से कराया जाये, ताकि शासन द्वारा जन सामान्य को ठण्ड से बचाव हेतु किये जा रहे व्यापक उपायों की जानकारी अवश्य हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि कम्बलों की खरीद एवं अलाव जलाने हेतु आवंटित धनराशि का पूर्ण सदुपयोग होने के पश्चात यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता हो, तो स्वीकृत धनराशि के उपभोग के पूर्ण विवरण सहित अपेक्षित धनराशि का समुचित प्रस्ताव शासन को तत्काल उपलब्ध कराया जाये।

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