खतरा: इंसेफ्लाइटिस के साये में प्रदेश के कई और जिले

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। जानलेवा बीमारी इंसेफेलाइटिस लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में कहर बरपा सकती है। पूर्वांचल में कहर बरपाने वाली इस बीमारी ने आधे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। पूर्वांचल के गोरखपुर से शुरू हुई इस बीमारी ने पूर्वांचल तथा मध्य क्षेत्र के लगभग 36 जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है। चिकित्सकों के मुताबिक यह बीमारी धीरे-धीरे पहले की अपेक्षा और खतरनाक होती जा रही है।
पहले इस बीमारी का प्रकोप बरसात में अधिक रहता था लेकिन अब यह बीमारी शुरूआती गर्मियों में आ धमकी है। इसके आलावा इस बीमारी का एक विशेष क्षेत्र होता था लेकिन अब ऐसा नही है। इस समय यह बीमारी प्रदूषित जल के कारण फैल रही है। अब यह बीमारी बरसात के बजाय गर्मियों के शुरूआती दिनों में आ चुकी हे क्योंकि साल 2015 में इंसेफ्लाइटिस का एक केस लखनऊ सामने आ चुका हे।
जानलेवा बीमारी इंसेफ्लाइटिस ने एक बार फि र उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पूर्वांचल में खतरे की घंटी बजा दी है। चौंकाने वाले आंकड़े ये हैं कि अक्सर जून में फैलने वाली इस बीमारी ने इस साल मार्च में ही दस्तक दे दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा नामित जापानी इंसेफ्लाइटिस के एक्सपर्ट डा. बृजेश कुमार ने बताया कि पूर्वांचल में कहर बरपाने वाली बीमारी इंसेफेलाइटिस भी समय के अनुसार अपना रूप बदल रही है। अभी तक यह बीमारी एक विशेष मौसम बरसात में और खास क्षेत्र में पाई जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। इंसेफ्लाइटिस मच्छर से फैलती थी लेकिन अब यह दूषित जलापूर्ति से फैल रही है। डा. बुजेश कुमार ने बताया कि जानवर से यह वायरस आता है और हवा द्वारा इसके वायरस एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच जाते हैं।
इंसेफेलाइटिस का 80 प्रतिशत सर्वाधिक प्रकोप गोरखपुर मंडल में है और 16 फ ीसद बस्ती मंडल में है। जलजमाव जैसी कुछ अन्य भौगोलिक परिस्तिथियों के कारण यहां पर अधिक केस आते हैं। यह जानकारी अभी हाल में ही गोरखपुर स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस बीमारी की समीक्षा बैठक में निकलकर आई थी।

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