क्राइम का बढ़ता ग्राफ खतरनाक संकेत

सूबे के डीजीपी जावीद अहम क्राइम के आंकड़ों और पुलिस के खिलाफ मिल रही शिकायतों से काफी परेशान हैं। उन्होंने पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों को अपना सीयूजी नंबर हमेशा ऑन रखने और काल आने पर रिसीव करने का आदेश दिया है।

sanjay sharma editor5उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रदेश में कानून व्यवस्था कायम करने की दिशा में हर संभव प्रयास कर रहे हैं। डायल 100 सेवा, यूपी पुलिस ट्विटर सेवा, माडर्न कंट्रोल रूम, महिला हेल्प लाइन 1090 और आनलाइन एफआईआर समेत तमाम सुविधाएं दी गई हैं। इन सबके बावजूद यूपी में क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। सूबे की पुलिस क्राइम की घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम साबित
हो रही है।
सूबे के डीजीपी जावीद अहम क्राइम के आंकड़ों और पुलिस के खिलाफ मिल रही शिकायतों से काफी परेशान हैं। उन्होंने पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों को अपना सीयूजी नंबर हमेशा ऑन रखने और काल आने पर रिसीव करने का आदेश दिया है। इन सबके बावजूद सूबे के अधिकांश अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर फोन करके पर काल रिसीव नहीं होती। हाल ही में डीजीपी ने सभी पुलिस कर्मियों को ‘पिंक’ फिल्म देखने की सलाह दी थी। इसके पीछे सबसे बड़ा मकसद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और हाई प्रोफाइल मामलों में पीडि़त को न्याय दिलाने के बजाय बड़े लोगों का साथ देने वाले पुलिस कर्मियों की आंखें खोलना था। लेकिन सूबे की पुलिस सुधरने को तैयार नहीं है। बुलंद शहर में हाईवे पर रेप कांड, बरेली में गैंग रेप हो या फिर लखनऊ के पारा में हुआ रेप कांड माडर्न पुलिसिंग की पोल खोलने का काम कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, यूपी में हर दिन 24 रेप, 21 अटेम्ट टू रेप, 13 मर्डर, 33 किडनैपिंग, 19 दंगे और 136 चोरियों की वारदातें हो रही हैं। एक दिन में कुल 7650 क्राइम की घटनाएं होती हैं। ये हाल तब है, जब जब यूपी पुलिस आए दिन कई अपराधों के मामलों में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करती है। इस बात को खुद डीजीपी भी मान चुके हैं। इसी वजह से पहली बार पांच अलग-अलग तरीके के क्राइम की घटनाओं में यूपी इंडिया में टॉप पर पहुंच चुका है। इससे पहले मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में यूपी क्राइम से जुड़े तीन तरह के मामलों में इंडिया में नंबर वन पोजीशन पर था। सरकारी संस्था नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक पिछले चार साल में यूपी में 93 लाख से ज्यादा क्राइम की घटनाएं हुई हैं। जो यूपी पुलिस की हकीकत को बयां करती हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री की कोशिशों को हकीकत का रूप देने के लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करना होगा। माडर्न पुलिसिंग, डायल 100 और महिला हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों का गंभीरता पूर्वक समाधान करना होगा। जनता की शिकायतों को सुनने और क्राइम की वजहों को समाप्त करने की दिशा में काम करना होगा, तभी क्राइम के आंकड़ों में कमी आयेगी।

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