कॉलेजों ने नहीं भेजा परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का डाटा

पुराने परिचय पत्र पर ही शिक्षक करेंगे ड्यूटी
इस बार भी फर्जी शिक्षकों का रहेगा बोलबाला
नाम के बजाय कॉलेजवार लगाई गई संख्यात्मक ड्यूटी लिस्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान एक बार फिर कक्ष निरीक्षकों की डयूटी के प्रति शिक्षा विभाग का लचर रवैया साफ जाहिर है। इससे साफ है कि फर्जी शिक्षकों का वर्चस्व इस बार भी कायम रहेगा। कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी के लिए कॉलेजों ने अब तक शिक्षकों का डेटा नहीं भेजा है। जिससे शिक्षकों की ड्यूटी उनके नाम से नहीं लगाई गई है।
कॉलेजों ने विभाग को डेटा भेजने के बजाय सिर्फ यह बताया है कि उनके यहां से कितने शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाई गई है। ऐसे में किस केंद्र पर कौन सा कक्ष निरीक्षक ड्यूटी करेगा इसका ब्यौरा किसी के पास नहीं है। पिछले वर्ष इस प्रकार कई फर्जी शिक्षक ड्यूटी करते पकड़े जा चुके हैं। । इस बात का अंदाजा प्रायोगिक परिक्षा में फर्जी शिक्षक के पहुंचने से ही लगाया जा सकता है। परीक्षा शुरू होने में बहुत कम समय बचा है। अब तक 746 में से केवल 20 कॉलेजों ने ही शिक्षकों का ब्यौरा डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराया। डीआईओएस ने इस पर कार्रवाई की बजाय बोर्ड वेबसाइट पर फीड पुराने डाटा से ही कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने की बात कही। ड्यूटी के लिए कॉलेजों को केवल संख्या भेजी जा रही है। ऐसे में कौन सा शिक्षक कहां ड्यूटी करेगा इसका सहीं रिकार्ड किसी के पास नहीं है।
ऐसे स्थिति को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस बार भी फर्जी कक्ष निरीक्षक भारी संख्या में परीक्षा में शामिल होंगे। पिछले वर्ष ठीक परीक्षा शुरू होने तक कक्ष निरीक्षकों के लिए परिचय पत्र बनाए गए थे। जिनमें से अधिकतर शिक्षकों के परिचय पत्र नहीं बन पाए थे। परीक्षा विभाग ने समय कम होने की बात कहकर उन शिक्षकों को भी डयूटी करने दिया था जिनका परिचय पत्र नहीं था। ऐसी स्थिति का फायदा उठा कर नकल माफियाओं ने फर्जी कक्ष निरीक्षक के जरिए परीक्षा में नकल करायी थी। शिक्षा विभाग ने बीते वर्ष घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। इस बार शिक्षकों को नए परिचय पत्रों की जगह पुराने परिचय पत्र पर ही डयूटी करने की अनुमति दे दी। इस तरह परीक्षा विभाग नकल माफियाओं के आगे बौना नजर आ रहा है।

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