कैसे पूरा होगा परिवार नियोजन का लक्ष्य

सीएचसी और पीएचसी में नहीं होती काउंसिलिंग

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम का चलना बहुत आवश्यक है, लेकिन पिछले कुछ समय से परिवार नियोजन कार्यक्रम को लेकर कोई विशेष प्रकार के जागरूकता अभियान नहीं दिख रहा है।
सरकार की ओर से परिवार नियोजन के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जाता है। जिससे जनसंख्या नियंत्रण पर लगाम लगाई जा सके। लेकिन राजधानी के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन की जानकारी के लिए आने वाले दंपत्तियों को वापस लौटना पड़ता है। कारण अस्पतालों में परिवार नियोजन संबंधी काउंसलिंग ही नहीं होती। खासकर सीएचसी और पीएचसी सेंटरों पर किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में परिवार नियोजन लक्ष्य कैसे पूरा होगा, इस पर संशय है। दरअसल राजधानी के बड़े अस्पतालों सिविल, बलरामपुर, डफरिन में आईआरसीटीसी सेंटर खोले गये हैं, जहां पर परिवार नियेाजन संबंधी जानकारी लेने वाले दंपत्तियों की बकायदा काउंसलिंग होती हैं। इसके आलावा इससे संबंधित दवाइयां भी वहीं राजधानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और पोस्ट हेल्थ सेंटरों पर परिवार नियोजन संबंधी जानकारी देने के लिए एक्सपर्ट नहीं है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन के लक्ष्य को पूरा करने के तमाम दावे किये जाते हैं।

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