कैलाश मानसरोवर के तीर्थ यात्रियों को चेक बांट कर सीएम अखिलेश ने मचायी भाजपा खेमे में खलबली

  • मुख्यमंत्री ने कहा सीएम आवास पर केसरिया दुपट्टा और भजन की आवाज सुनकर कुछ लोग होंगे परेशान
  • मंच पर बैठे संतों ने कहा यूपी के सीएम ने किए बहुत अच्छे काम, लगाये रिकार्ड पेड़, इसलिए इस बार हुई अच्छी बारिश
  • अयोध्या के संतों ने कहा कृष्ण कुल के ओजस्वी राजा की तरह सबके हितों के लिए काम कर रहे हैं अखिलेश
  • धर्मार्थ कार्य जैसे बेकार माने जाने वाले विभाग ने बदल दी तस्वीर, ज्ञानदास ने कहा नवनीत सहगल के हाथ में जिम्मेदारी आने से बदली अयोध्या की तस्वीर
  • महंत ज्ञानदास ने कहा हम और हाशिम मंदिर मामले का हल चाह रहे थे लेकिन कुछ विवाद कर रहे लोगों ने डाला व्यवधान
  • महंत ज्ञानदास ने कहा संस्कृत टीचरों को सपा ने जीवित रखा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
0082लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी कुशल चुनावी रणनीति से एक बार फिर विरोधी खेमे में हलचल मचा दी है। उन्होंने अयोध्या में भजन संध्या स्थल बनाने, कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रियों को 50-50 हजार का चेक देने, नि:शुल्क सिन्धु दर्शन और समाजवादी श्रवण यात्रा से खुद को हिन्दुओं का हितैषी साबित करने का काम बखूबी किया है। इसका सीधा असर बीजेपी के वोट बैंक पर पड़ रहा है। इसलिए बीजेपी खेमे में खलबली मच गई है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा भी शुरू हो गई है कि यदि सब कुछ अखिलेश यादव की प्लानिंग के मुताबिक चलता रहा तो आने वाले चुनाव में बीजेपी के सामने हिन्दू वोट बैंक हासिल करने का चिरपरिचित अध्योध्या मंदिर का मुद्दा भी कामयाब नहीं हो पायेगा।
झांसी में आज भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हो रही है। ऐसे में अखिलेश यादव ने तीर्थ यात्रियों को अपने आवास 5 केडी स्थित एक कार्यक्रम में चेक देकर भाजपा का एक बड़ा मुद्दा छीन लिया है। जो भाजपा सपा पर मुस्लिम सरपरस्ती का आरोप लगाती रहती थी, सरकार पर केवल हज यात्रियों और मुस्लिम धर्म से जुड़े लोगों का विकास करने की दलीलें पेश करती रहती थी, उसको अखिलेश का दांव समझ नहीं आ रहा है। भाजपा खेमे में अखिलेश के इस कदम पर जोरदार बहस छिड़ गई है। इससे पहले समाजवादी श्रवण यात्रा ने भी भाजपा को परेशान कर दिया था। अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में अब तक बनारस, मथुरा, वृंदावन और अयोध्या के धार्मिक स्थलों को विकसित करने और पर्यटकों को ध्यान में रखकर हर संभव सुविधाएं दिलाने के उद्देश्य से सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किया। प्रदेश के सभी महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों का उद्धार भी कराया। यह उनकी हिन्दू समाज और उनके धर्म से जुड़े प्रतीक स्थलों के प्रति सम्मान और विकास की भावना का सबसे बड़ा उदाहरण है। अयोध्या में भजन संध्या स्थल के निर्माण का शिलान्यास कार्यक्रम 5 केडी स्थित मुख्यमंत्री आवास पर किया गया। इस कार्यक्रम में महंत ज्ञानदास श्रीधराचार्य समेत कई प्रमुख संत और महंत मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग सीएम आवास में घुस नहीं सकते थे। आज लोग परेशान होंगे कि सीएम आवास पर भजन कैसे हो रहे हैं। एक खास रंग सीएम आवास पर कैसे है। यह प्रदेश का बदलता हुआ स्वरूप है।
इस अवसर पर धर्मार्थ कार्य मंत्री विजय मिश्रा, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वहीं भाजपा की झांसी में हो रही बैठक के दौरान मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित भजन संध्या स्थल के शिलान्यास और तीर्थ यात्रियों के चेक वितरण का मुद्दा छाया रहा। इस वजह से कार्यक्रम का आयोजन करने वालों से कई गलतियां भी हुईं। आयोजक बीजेपी के बड़े नेताओं को मंच पर बुलाना भूल गये। इसलिए महेश शर्मा, निरंजन ज्योति और मनोज सिन्हा जैसे नेताओं को कार्यकर्ताओं के बीच काफी वक्त गुजारना पड़ा।

तीर्थ यात्रियों को बांटा गया चेक

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से हमेशा लोक सभा और विधानसभा चुनावों से कुछ समय पहले अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा उठाया जाता रहा है। बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को ब्रह्मास्त्र की तरह इस्तेमाल करती रही है लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के ब्रह्मास्त्र की काट ढूंढ ली है। उन्होंने राम मंदिर के विवादित मुद्दे को अनदेखा करके हिन्दू धर्म के लोगों की आस्था और विश्वास से जुडे धार्मिक स्थलों, यात्राओं और आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में पहली बार सरकार ने नि:शुल्क श्रावण यात्रा योजना का शुभारंभ किया। अब तक श्रवण यात्रियों का कई जत्था प्रदेश सरकार की योजना से लाभान्वित हो चुका है। इसके अलावा कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा और सिन्धु दर्शन के लिए भी प्रदेश सरकार की तरफ से अनुदान दिया जा रहा है। इसमें प्रदेश सरकार कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रियों को 50 हजार रुपये और सिन्धु दर्शन के लिए 10 हजार रुपये का प्रति तीर्थ यात्री अनुदान देने की शुरूआत की गई है।

संतों ने दिया मुख्यमंत्री को धन्यवाद

महंत ज्ञानदास श्रीधराचार्य ने अयोध्या में भजन संख्या स्थल का निर्माण कराये जाने पर अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बहुत ही सराहनीय काम किया है। इससे संत समाज को संजीवनी मिलेगी और अयोध्या में राम लला का दर्शन करने आने वाले श्रद्घालुओं को लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि यह भजन संध्या स्थल 15 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा, जिसमें 500 श्रद्घालुओं के बैठने की जगह होगी। इसके अलावा भजन संध्या स्थल में
हवा, लाइट और पीने के पानी समेत अन्य सभी सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी।

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