केन्द्र और राज्य सरकारें कंधे से कंधा मिलाकर चलें: नरेन्द्र मोदी

  • दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ चल रही देश के सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक
  • मानसून सत्र में जीएसटी बिल को पास कराने की भूमिका तैयार करने में जुटे पीएम
  • 10 साल बाद हो रही पीएम के साथ सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
220लखनऊ। देश का विकास करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों को कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। केन्द्र सरकार राज्यों को विकास में भरपूर सहयोग दिया जा रहा है। कानून में बदलाव कर करीब 40 हजार करोड़ रुपये राज्यों को देने का प्रयास किया जा रहा है। यदि कहीं कोई समस्या आ रही है, तो उसको मिल बैठ कर समझाया जाना चाहिए। ये बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में चल रही राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में राज्यों को केन्द्र से जो रकम मिली है, वो वर्ष 2014-15 में मिली रकम की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। इसलिए राज्यों को विकास में आवश्यक धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
दिल्ली में चल रही मुख्यमंत्रियों की बैठक 10 साल बाद हो रही है। इसका मकसद केन्द्र और राजय् सरकारों के बीच संबंधों को मजबूत बनाना है। इसलिए बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक मे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडऩवीस समेत अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। इस मीटिंग में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल काफी विलंब से पहुंचे। इतना ही नहीं यूपी के सीएम अखिलेश यादव भी मीटिंग में नहीं पहुंचे। पीएम मोदी ने इस बैठक में राज्य सरकार को मजबूती प्रदान करने के अपने इरादों को मुख्यमंत्रियों के सामने रखा। उनका मकसद कोऑपरेटिव फेडरलिज्म यानी केन्द्र और राज्यों की सहभागिता को बढ़ावा देने पर है। पीएम चाहते हैं कि इस बैठक में आधार योजना और इसके माध्यम से लोगों तक सरकारी सब्सिडी का लाभ पहुंचाने की कामयाबी को प्रमुखता दी जाए। इसको बढ़ावा देने का काम केन्द्र और राज्य की सरकारें मिलजुल कर करें। पीएम का मकसद जीएसटी के मुद्दे पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मन को टटोलना है। यदि सब कुछ उनकी सोच के अनुरूप रहा तो आने वाले मानसून सत्र में केन्द्र सरकार जीएसटी बिल को पास कराने का प्रयास करेगी। क्योंकि जीएसटी बिल लोकसभा से पास हो चुका है लेकिन राज्यसभा में यह बिल गिर गया है, जहां पर विपक्षी दल बहुमत में हैं। इसलिए प्रधानमंत्री राज्यों से सहयोग लेने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इंटर-स्टेट काउंसिल की 11वीं बैठक में केजरीवाल और पीएम का आमना सामना हुआ है। इन दोनों नेताओं से बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इसके साथ ही केजरीवाल की तरफ से लगातार दिल्ली के विकास में केन्द्र सरकार की तरफ से बाधा डाले जाने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत भी मीटिंग में मौजूद हैं। हाल ही में केन्द्र सरकार के खिलाफ कोर्ट से दोबारा मुख्यमंत्री बनने की लड़ाई जीतकर उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

अखिलेश ने गृहमंत्री राजनाथ को बताया न आने का कारण

यूपी के सीएम अखिलेश यादव दिल्ली में होने वाली प्रधानमंत्री की मीटिंग में न शामिल होने का अफसोस जताया और अपने न आने का कारण गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भेज दिया है। अखिलेश यादव ने पीएम को भरोसा दिलाया कि जो भी दिल्ली की मुख्यमंत्री की मीटिंग में निर्णय लिया जायेगा। वह उसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि देश के विकास में जो सहयोग होगा वह यूपी की सरकार करेगी। इसके साथ ही केन्द्र सरकार की सारी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और उसका लाभ आम जनता तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा। सीएम अखिलेश यादव के मीटिंग में न जाने को लेकर अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा।

एटा में जहरीली शराब पीने से 6 की मौत, 3 सस्पेंड

  • एटा जिला आबकारी अधिकारी सहित एसओ व थानाध्यक्ष सस्पेंड
  • आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा अलीगंज थाना
  • स्थिति तनावपूर्ण, भारी पुलिस बल तैनात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शराब एक बार फिर मौत की वजह बनी है। यहां जहरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौत हो गई है। जबकि दो लोग अपनी आंखों की रोशनी गंवा बैठे हैं। 12 लोगों की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। जहरीली शराब पीने से बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं डीजीपी जावीद अहमद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एटा जिले के आबकारी अधिकारी व वहां के सीओ समेत थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया है।
एटा जिले में अलीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत अलग-अलग मोहल्लों में आज सुबह जहरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार मृतकों की संख्या 6 पहुंच चुकी है। इसमें बढ़ोत्तरी भी हो सकती है, क्योंकि जहरीली शराब पीने वाले गरीब 12 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इसमें दो लोगों को आगरा के लिए रेफर कर दिया गया है। जहरीली शराब पीकर मरने वालों में नेत्रपाल, सर्वेश, अतीक, रमेश और अवतार शामिल हैं। इसके अलावा दो लोगों की आंख की रोशनी चली गई है। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने थाना अलीगंज को घेर लिया और रास्ता जाम कर दिया है। जहरीली शराब पीने से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करवाने के लिए मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच चुकी है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
प्रदेश में जहरीली शराब पीने की वजह से लखनऊ, कानपुर और मेरठ में भी कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जहरीली शराब का धंधा करने वालों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इस विभाग के अधिकारी शराब के अवैध कारोबार में लगे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय अन्य कामों में लिप्त रहते हैं।

Pin It