केजीएमयू शिक्षक संघ की बैठक से गरमाएगा माहौल

निजी प्रैक्टिस करने वालों की पोल खोलने की तैयारी में शिक्षक संघ
प्रशासनिक पदों पर बैठे चिकित्सक ही केजीएमयू की छवि कर रहे धूमिल
केजीएमयू प्रशासन की मिलीभगत से चल रही निजी प्रैक्टिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने यहां के चिकित्सकों द्वारा की जा रही निजी प्रैक्टिस के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लडऩे का मन बना लिया है। इसी के मद्देनजर शिक्षक संघ की आज 3 बजे होने वाली आम सभा में निजी प्रैक्टिस के मुद्दे को उठाया जायेगा। संघ की मांग है कि केजीएमयू प्रशासन सेवा में रहते हुए निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई करे या फिर सभी चिकित्सकों को इसकी अनुमति दी जाय। इस मामले पर फैसला लेने के लिए केजीएमयू प्रशासन को एक महीने का समय दिया जाएगा। इसके साथ ही 12 अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
केजीएमयू प्रशासन के लिए गुरुवार का दिन भारी साबित होने वाला है। शिक्षक संघ जहां निजी प्रैक्टिस सहित कई अन्य मामालों पर चर्चा करेगा। वहीं कर्मचारियों द्वारा एसजीपीजीआई के बराबर वेतनमान का मुद्दा भी आम सभा में उठाएगा। केजीएमयू के शिक्षकों को पीजीआई के बराबर वेतनमान मिलने लगा है। लेकिन कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। इस दोहरे मापदंड के खिलाफ अब कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लडऩे का मन बना चुके हैं।
केजीएमयू शिक्षक संघ का मानना है कि कई चिकित्सक प्रतिबंध के बावजूद नॉन प्रैक्टिस भत्ता भी ले रहे हैं और चोरी छिपे प्रैक्टिस भी कर रहे हैं। केजीएमयू में वर्तमान समय में 415 डॉक्टर हैं। इनमें से 50 फीसदी डॉक्टर चोरी छिपे निजी अस्पतालों को सेवाएं दे रहे हैं। प्रशासनिक पदों पर तैनात चिकित्सक भी इसमें शामिल हैं। संघ का दावा है कि निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों के नाम उनके पास हैं लेकिन केजीएमयू प्रशासन ने उनको सह दे रखा है। शिक्षक संघ के पास प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों का नाम व पूरा विवरण है। केजीएमयू प्रशासन को चाहिए कि वह शासन स्तर पर प्रयास करके निजी प्रैक्टिस को सब डॉक्टरों के लिए वैध करवाए। या फिर निजी प्रैक्टिस पूरी तरह से प्रतिबंधित हो। शिक्षक संघ के महासचिव प्रो. संतोष कुमार का कहना है कि यदि केजीएमयू प्रशासन द्वारा इस मामले पर कार्रवाई नहीं की गयी तो तो संघ प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों की पोल खोल देगा।

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