केजीएमयू में शुरू होंगे नये विभाग

नये साल से मरीजों को मिलेगी सौगात

  • केजीएमयू के लिए बड़ी उपलब्धि है न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग
  • नये विभागों के शुरू होने से जटिल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को मिलेगा लाभ

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नये साल में राजधानी सहित आस-पास के जिलों के मरीजों को नई सौगात मिल सकती है। केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल में नये साल से कई नये विभाग शुरू होने हैं जिसके लिए केजीएमयू प्रशासन की ओर से विभागों में डॉक्टरों की तैनाती से लेकर, उपकरण सहित तमाम संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।
केजीएमयू के डिप्टी सीएमएस डॉ. वेदप्रकाश का कहना है कि नये साल से केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल में 9 नये विभाग खुलने हैं जिनकी शुरुआत को लेकर संस्थान के वीसी प्रो. रविकांत पूरी तरह से तत्पर हैं। इन नये विभागों के शुरू होने से जटिल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को लाभ मिलेगा।
बताते चलें कि केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल में 9 नये विभागों की श्ुारूआत होनी है। नये विभागों में नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, हिमैटोलॉजी सहित कई और विभाग शामिल हैं। केजीएमयू में इन विभागों के शुरू होने से जटिल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को विशेष लाभ होगा।
डॉ. वेद ने बताया कि 9 नये विभागों में नेफ्रोलॉजी सबसे महत्वपूर्ण विभाग है। इस विभाग के श्ुारू हो जाने के बाद किडनी से संबंधित बीमारियों का इलाज, आधुनिक डायलिसिस यूनिट जहां पर रात में भी मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिलेगी, जिससे डायलिसिस की वेटिंग को खत्म किया जा सकेगा। गैस्ट्रोलॉजी विभाग में पेट से संबंधित सभी बीमारियों के मरीजों को सुविधा मिलेगी तथा ऐसे मरीजों का रात में भी इलाज किया जा सकेगा। हिमैटोलॉजी विभाग में ब्लड कैंसर व खून की अन्य समस्याओं सहित एनीमिया से ग्रस्त मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसके आलावा ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग भी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसके आलावा अन्य महत्वपूर्ण विभागों की भी शुरुआत होनी है।
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग है बुहत खास
नये साल से शताब्दी अस्पताल में श्ुारू होने वाला न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग केजीएमयू के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस विभाग में खासकर मरीजों की डायग्नोस्टिक जांचों को लकर रिसर्च किया जायेगा और इलाज की अन्य जांचों के लिए शोध प्रक्रिया शुरू की जायेगी। डॉ. वेद ने बताया कि न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के शुरू होने से चिकित्सा में रिसर्च के क्षेत्र में केजीएमयू को एक नया आयाम मिलेगा।

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