केजीएमयू में फर्जी नियुक्तियों की उच्चस्तरीय जांच शुरू

  • राजभवन में शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई, केजीएमयू में हडक़ंप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मानकों के विपरीत किये गये कार्य की फेहरिस्त लम्बी होती जा रही है। केजीएमयू प्रशासन पर अपने चहतों को पीपीपी मॉडल पर जांच मशीने लगाने के लिए जगह उपलब्ध कराने के साथ ही विभिन्न विभागों में मनमाने ढंग से भर्ती कियेे जाने के आरोप लग रहा है। जिसकी शिकायत राजभवन भेजी जा चुकी है। जीरियाट्रिक मेंटल हेल्थ विभाग की लेक्चरर डॉ. प्रीति सिंह की नियुक्ति तो बानगी मात्र है। इस तरह के दर्जनों मामले केजीएमयू प्रशासन के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
चिकित्सा विश्वविद्यालय के सुचिता पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। डॉ. प्रीति के भर्ती की तरह ही नर्सों की भर्ती प्रक्रिया में भी मानकों को ताक पर रखकर भर्ती की गयी थी। केजीएमयू के नर्सिंग कालेज की भर्ती प्रक्रिया में पदों से ज्यादा लोगों के लिए भर्ती निकाली गयी, जिसमें साक्षात्कार देने के लिए सीनियर लोग भी आये। सूत्रों की माने तो बिना रिजल्ट निकाले ही अपने चहेतों को ज्वानिंग दे दी गयी। ये तो बानगी मात्र है। केजीएमयू प्रशासन पर यहां के कई विभागों में तय पदों से ज्यादा भर्ती किये जाने का आरोप लगा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन पर शिक्षकों के अनुभवों को दरकिनार कर अपने करीबियों को मनमाना प्रमोशन देने का मामला प्रकाश में आ चुका है। जानकारों की माने तो केजीएमयू प्रशासन ने अपनी कमियों को छुपाने के लिए ही चिकित्सकों के अनुभव प्रमाण पत्रों को गलत बताते हुए मेल जारी किया था, जिसके बाद जांच कमेटी बनी थी।

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