केजीएमयू में डाक्टरों ने परिजनों को दी जान से मारने की धमकी

कुलपति ने परिजनों से कहा कराओ डाक्टरों की पहचान


capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। केजीएमयू स्थित ट्रामा सेन्टर में मरीजों तथा उनके परिजनों से अभद्रता होना आम बात हो गयी है। सोमवार को जूनियर डाक्टरों ने एक महिला मरीज के तीमारदार को गालियां देते हुए भगा दिया और कहा कि यदि अब यहां नजर आये तो तुम्हें जान से मार देंगे। इसकी शिकायत मरीज के परिजनों ने कुलपति प्रो.रविकांत से मिलकर की है, जिस पर कुलपति ने अभद्रता करने वाले रेजीडेंट डाक्टरों की पहचान कराने को कहा है।

केजीएमयू में रेजीडेंट डाक्टरों की मनमानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। आये दिन यहां के रेजीडेंट डाक्टर मरीजों से लेकर उनके तीमारदारों को गालियां देने के साथ ही मारने की धमकी देते हैं और केजीएमयू प्रशासन इन रेजीडेंट डाक्टरों पर कार्रवाई करने से बचता है। केजीएमयू प्रशासन के ढुलमुल रवैये से आये दिन मरीजों के अधिकारों का हनन ये जूनियर डाक्टर करते हैं। इसी का नतीजा है कि केजीएमयू इलाज से ज्यादा हंगामे की वजह से चर्चा में रहता है। फैजाबाद की रूदौली निवासी लख्खा देवी (70)16 दिसम्बर को एक दुर्घटना मेें चोटिल हो गयी थी, जिसके बाद परिजनों ने उनको ट्रामा में भर्ती कराया था। लेकिन ट्रामा के आर्थोपेडिक विभाग में तीन दिन बीत जाने के बाद भी इलाज के नाम पर खाना पूर्ति की जाती रही। जब परिजनों ने केजीएमयू के उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश से शिकायत की तब जाकर इलाज शुरू हो पाया। इस पर नाराज जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को जमकर लताड़ा और भद्दी गालियां दीं तथा साथ में जान से मारने की धमकी भी दी। इसकी शिकायत परिजनों द्वारा कुलपति से की गयी है, जिस पर कुलपति ने कार्रवाई करने के बजाय परिजनों से ही रेजीडेंट डाक्टरों की पहचान बताने को कहा है।

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