केजीएमयू में इस्तेमाल हो रहे पाइरेटेड साफ्टवेयर

Captureमेडिकल कॉलेज की ओर से मामले को दबाने की हो रही कोशिश
माइक्रोसॉफ्ट की ओर से चिकित्सा विवि को भेजा जा चुका है नोटिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश के प्रतिष्ठिïत चिकित्सा संस्थानों में शुमार किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में पायरेटेड साफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि केजीएमयू प्रशासन की ओर से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पायरेटेड सीडी के इस्तेमाल को लेकर माइक्रोसॉफ्ट की ओर से चिकित्सा विश्वविद्यालय को नोटिस भी भेजा गया है लेकिन आलाअधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
बताते चलें कि राजधानी के शिक्षण संस्थानों से लेकर दफ्तर और अस्पतालों में बिना किसी रोक-टोक के पाइरेटेड साफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह हाल तब है जबकि न्यायालय ने पाइरेटेड साफ्टवेयर के इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। ताजा मामला किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) से जुड़ा हुआ है। यहां ओपीडी से लेकर अन्य विभागों में लगे कंप्यूटरों में पाइरेटेड साफ्टवेयर का काफी समय से इस्तेमाल किया जा रहा था। माइक्रोसाफ्ट कंपनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केजीएमयू में नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। बताया जा रहा है कि यदि तय समय के भीतर केजीएमयू प्रशासन की ओर से इस मामले में जवाब नहीं दिया गया तो माइक्रोसाफ्ट कंपनी कोर्ट भी जा सकती है। इस मामले के सामने आने के बाद से केजीएमयू में हडक़ंप मचा हुआ है। केजीएमयू प्रशासन की ओर से मामले ाक दबाने की कोशिश की जा रही है।

केजीएमयू में पायरेटेड साफ्टवेयर की बात गलत है। कहीं भी इस साफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है और न ही माइक्रोसाफ्ट की ओर से इस मामले में कोई नेाटिस जारी की गई है।
-डॉ.आशीष वाखलू, हेड आईटी सेल

माइक्रोसाफ्ट कंपनी की ओर से किसी भी प्रकार का नोटिस अभी तक प्राप्त हुआ है , इसके आलावा वित्त विभाग से इस मामले का कुछ भी लेना देना नहीं है।
-मुकुल कुमार
वित्त अधिकारी, केजीएमयू

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