केजीएमयू प्रशासन के दावे फेल

मरीजोंको मिल रही बिना छीलेआलू की सब्जी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। केजीएमयू प्रशासन ने विभागों के वार्डो में भर्ती मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुववत्ता सुधारने के लिए सरकारी रसोई को निजी हाथों में दे दिया था। केजीएमयू प्रशासन का दवा था कि रसोई को निजी हाथों में देने के बाद खाने की गुणवत्ता सुधर जायेगी। लेकिन ऐसा कुछ होता दिख नही रहा है। मरीजों को दिये जाने वाले भोजन में गुणवत्ता का नामोनिशान नही दिख रहा है। मरीजों को खाने के लिए जो सब्जी दी जा रही है उसके छिलके तक को नहीं उतारा जा रहा है। ये हाल तब है जब केजीएमयू प्ररशासन ने दावा किया था कि निजी रसोई से मरीजों को बीमारी के अनुसार खाना मिलेगा। साथ ही केजीएमयू ्रप्रशासन का दवा था कि पैसों की भी बचत होगी। मरीजों की माने तो भोजन को देख कर ही पता लग रहा कि पैसों की बचत जरूर होगी। केजीएमयू में मरीजों को अब खाना खिलाने की जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंपी गई है।अहमदाबाद की जायसवाल कैटीन का सोमवार को धूमधाम से उद्घाटन किया गया था। लोगों ने जमकर भोजन का लुत्फ उठाया था। लेकिन उसके बाद मरीजों को मिलने वाले खाने से निजी रसोई की पोल खुल गयी। इस रसोई की जिम्मेदारी वार्डो में भर्ती चार हजार मरीजों को भोजन देने की है। भर्ती मरीजों का कहना है कि जब ये हालत अभी से हैं तो आने वाले समय में क्या होगा, भगवान ही जाने।

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