केजीएमयू प्रशासन की लापरवाही से हुआ था हादसा

ओटिस कंपनी के इंजीनियरों ने जांच में किया खुलासा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। केजीएमयू प्रशासन की लापरवाही के चलते लिफ्ट हादसे में मरीज की जान चली गई। साथ ही रेजीडेंट डॉक्टर भी बाल-बाल बचे। ये खुलासा ओटिस कंपनी के इंजीनियरों की जांच में हुआ। केजीएमयू प्रशासन ने जानबूझकर मरीजों और अपने चिकित्सकों की सुरक्षा को दांव पर लगाया। प्रशासनिक अधिकारियों की जिद के कारण डेढ़ साल तक केजीएमयू में लगी 63 लिफ्ट का किसी भी कंपनी से एनुअल मेंटेनेंस कांट्रैक्ट (एएमसी) नहीं हो पाया। इलेक्ट्रॉनिक और मकैनिकल सिस्टम को 2014 मार्च के बाद बिना देखभाल के छोड़ दिया गया। जबकि लिफ्ट लगाने वाली कंपनी ओटिस केजीएमयू के कहने पर 2014 तक मेंटेनेंस कर रही थी। केजीएमयू प्रशासन ने नवंबर 2014 से जनवरी 2015 के बीच तीन बार एएमसी का टेंडर निकाला पर ये आजतक फाइनल नहीं हो पाया है।
केजीएमयू और ओटिस के बीच कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बावजूद हमने 12 अगस्त को लिफ्ट में फंसे लोगों को निकाला। ओटिस के मैकेनिक 30 मिनट में ट्रॉमा पहुंचे थे। जांच में पता चला कि सॉफ्ट और रोलर के बीच में फंसी पाइप के कारण लिफ्ट के दरवाजे नहीं खुले थे। पाइप निकालने के बाद लिफ्ट चालू हो गई थी। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर की लिफ्ट मरीजों को ड्रिप चढ़ाने वाली पाइप की वजह से 12 अगस्त को बीच रास्ते में रुकी थी। सॉफ्ट और रोलर के बीच में फंसे पाइप ने लिफ्ट के दरवाजे को खुलने नहीं दिया और लिफ्ट आधे रास्ते में रुक गई। लिफ्ट लगाने वाली कंपनी ओटिस के इंजीनियरों ने ये खुलासा किया है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इंट्रा वीनस फ्ल्यूड पाइप लिफ्ट के सॉफ्ट में फंसा हुआ था। इसी से लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुल पाया। सुबह 5.10 बजे उनके मैकेनिकल स्टाफ को केजीएमयू प्रशासन से हादसे की सूचना मिली और 30 मिनट में वो केजीएमयू पहुंच गए। अगले 30 मिनट के अंदर ही लिफ्ट में फं से सभी लोगों को बचा लिया गया था।

लिफ्ट हादसे के बाद बड़ा फेरबदल

लिफ्ट हादसे के चार दिन बाद ट्रॉमा सेंटर के प्रभारियों को प्रभारियों में बड़ा फेरबदल कर दिया गया। केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत ने रविवार को डॉ. अरशद को सर्जरी, डॉ. हिमांशु व डॉ. सावलानी को मेडिसिन, डॉ. क्षितिज को न्यूरो सर्जरी, डॉ. शैलेेंद्र यादव को ऑथोपैडिक, डॉ. जीपी सिंह और डॉ. जिया को एनेस्थीसिया, डॉ. वेदप्रकाश और डॉ. अविनाश को क्रिटिकल केयर, डॉ. पूनिया को पीडियाट्रिक्स विभाग का प्रभारी बनाया है। कम्प्यूटर और सीसीटीवी डॉ. संदीप भट्टाचार्या देखेंगे। इसके अलावा हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी डॉ. नितिन को दी गई है।

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