केजीएमयू प्रशासन की उपेक्षा का शिकार आयुष विभाग

लोगों को नहीं है जानकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। केजीएमयू में आयुुष विभाग उपेक्षा का शिकार है। एक तरफ केंद्र सरकार अपनी पुरानी प्राचीन पद्धति आयुष को बढ़ावा देनेेेके लिए आयुष मंत्रालय बना दिया वहीं मेडिकल कालेज में आयुष विभाग को लेकर कोई उत्साह नहीं है। इतना ही नहीं आयुष विभाग के ओपीडी के दरवाजे पर सूचना पट भी नहीं लगा है।
केजीएमयू की न्यू ओपीडी बिल्डिंग में कमरा नंबर 115 में आयुष विभाग की ओपीडी तो खोल दी गई है लेकिन इसकी जानकारी कम लोगों की ही है। कारण केजीएमयू प्रशासन की ओर से आयुष विभाग के प्रचार-प्रसार में कोई रूचि नहीं दिखाई जा रही है, जबकि आयुष विभाग को खुले करीब तीन महीने हो गए हैं। लोगों को जानकारी नहीं है इसलिए लोग यहां नहीं आ रहे है।
नहीं लगे हैं सूचना पट
न्यू ओपीडी के प्रथम तल पर आयुष विभाग तो खोल दिया गया है लेकिन इसकी जानकारी कम लोगों को ही है। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है केजीएमयू की ओर से आयुष विभाग की जानकारी के लिए सूचना पट ही नहीं लगाया गया हैं। पूरे केजीएमयू परिसर में सभी विभागों के सूचना पट जगह-जगह लगे हुए है लेकिन आयुष विभाग की जानकारी से संबंधित सूचना पट कहीं नहीं दिखता। अभी केजीएमयू में आयुष विभाग की ओपीडी खुले तीन महीने हुए हैं लेकिन इसके बावजूद प्रचार-प्रचार नहीं दिख रहा है। केजीएमयू परिसर तो छोड़ ही दीजिए न्यू आपीडी बिल्डिंग के बाहर भी विभाग से संबंधित किसी भी प्रकार की कोई सूचना नहीं दी गई है।
केजीएमयू से ज्यादा अस्पतालों में हो रही ओपीडी
केजीएमयू के आयुष विभाग की ओपीडी से ज्यादा बड़े सरकारी अस्पतालों की ओपीडी हो रही है। बलरामपुर और सिविल अस्पताल में रोजाना 45 से 50 मरीजों की ओपीडी हो रही है, वहीं केजीएमयू में 15 से 20 मरीजों को ओपीडी में देखा जा रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि केजीएमयू आयुष विभाग को लेकर कितना गंभीर है। इस संबंध में आयुष विभाग के डॉ. सुनित कुमार मिश्रा ने बताया कि आयुष विभाग की जानकारी को लेकर केजीएमयू में सूचना पट्टï नहीं लगाये गये है, जिससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को असुविधा हो रही है।

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