कुलपति ने अधूरे काम पूरे करने की शुरूआत

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में कुलपति को सेवा विस्तार मिलते ही कुलपति ने अधूरे काम पूरे करने की शुरूआत कर दी है। जिसका जीता जागता उदाहरण कार्यपरिषद की बैठक में देखने को मिला। कार्यपरिषद की बैठक में उन नियुक्तियों को क्लीनचिट दी गई जिन पर आपत्तियां लगाई गई थी। जिसे लेकर कार्यपरिषद की बैठक में जमकर विवाद हुआ। सूत्रों माने तो बुधवार को कार्यपरिषद की बैठक में उन लिफाफों को बिना बताए खोला गया, जिन पर विवि से लेकर राजभवन तक में ढेरों आपत्तियां दर्ज थी। कुलपति ने जाने के समय खुद इस मामले को विवादित बता कर रोका था। यह वह नियुक्तियां है जिनकों पैसे के बल पर पास कराने का भी आरोप था। इसके बाद भी सेवा विस्तार मिलते ही कुलपति ने इन्हें क्लीनचिट दे दिया है। इस फैसले के बाद से विश्वविद्यालय में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

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