किराये पर कमरा लेने के लिए मुस्लिम से बन गये ईसाई

पुलिस की मिलीभगत से बुजुर्ग दम्पति के मकान पर कब्जा करने का प्रयास

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कानपुर में किराये पर कमरा लेने के लिये एक परिवार मुस्लिम से इसाई बन गया। इतना ही नहीं मकान मालिक का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से मकान पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर दबंग मारपीट कर रहे हैं। जबकि पुलिस उनके ही तरफ से मुकदमा दर्ज कर मकान मालिक को परेशान कर रही है।

कानपुर जनपद के थाना नवाबगंज क्षेत्र के 22, न्यू चन्द्र विहार निवासी नीरू रस्तोगी अपने पति विनोद रस्तोगी के साथ अपने मकान में रहती है। नीरू रस्तोगी डीएवी कॉलेज सिविल लाइन्स में एसो. प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। जबकि उनके पति सेवानिवृत्त हैं। नीरू का आरोप है कि उनके मकान में किराये पर शांति मैसी, विवियन मैसी, एडलीना मैसी रहते हैं। जबकि आशू मैसी को भी बाद में बुला लिया। मकान लेते समय तीनों ने स्वयं को इसाई बताया था जबकि तीनों मुस्लिम हैं। धोखे से किराये पर कमरा लेकर रहने लगे। इसकी जानकारी होने पर नीरू ने मकान खाली करने को कहा तो तीनों विरोध करने लगे। नीरू ने बताया कि 19 अपै्रल 2015 को आशू मैसी ने उनके 68 वर्षीय पति विनोद रस्तोगी को किराया देने के लिए नीचे बुलाया। जहां सभी मिलकर विनोद को मारने-पीटने लगे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई तो मौके पर पहुंची पुलिस ने उल्टे बुजुर्ग दम्पति पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया। नीरू का आरोप है कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। नीरू का आरोप है कि मकान के अगले हिस्से को सभी ने मिलकर व्याभिचार का अड्डा बना लिया है। नीरू ने इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक, कानपुर से न्याय की गुहार लगाई है।

बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पुलिस सक्रिय नहीं
मकान मालिक नीरू रस्तोगी ने बताया कि पुलिस बुजुर्गों की सुरक्षा के प्रति गम्भीर नहीं है। बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पुलिस खानापूर्ति कर रही है। एक तरफ जहां 20 अपै्रल को नीरू अपने पति के साथ आईजी से न्याय की गुहार लगा रही है वहीं दूसरी तरफ नवाबगंज पुलिस दोनों के खिलाफ किरायेदार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर रही है।

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