किडनैप आर्मी अफसर जान बचाकर पहुंचा फैजाबाद

चौबीस साल के कैप्टन शिखरदीप धवन छह दिनों से थे लापता
पुलिस ने पूछताछ के बाद कैप्टन को किया सेना के हवाले

T4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बिहार के कटिहार से निकलने के बाद छह दिन से लापता आर्मी अफसर उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में मिले। चौबीस साल के कैप्टन शिखरदीप धवन बीते छह दिनों से लापता चल रहे थे। शनिेवार की सुबह फैजाबाद में वह किसी तरह पूछताछ करते हुए पुलिस स्टेशन पहुंचे, और पुलिस को अपनी पहचान के साथ सारा मामला बताया।
कैप्टन शिखरदीप 6 फरवरी को कटिहार से जम्मू के लिए रवाना हुए थे। पुलिस ने कहा कि कैप्टन को पटना में बेहोश किया गया था। इसके बाद उन्होंने खुद को एक कमरे में कुर्सी से बंधा पाया। बाद में वह किसी तरह रस्सी और खिडक़ी तोडक़र कामाख्या एक्सप्रेस से फैजाबाद पहुंचे। आज की सुबह पुलिस स्टेशन जाकर उन्होंने सारी बात बताई। पुलिस ने पूछताछ के बाद कैप्टन को सेना के हवाले कर दिया है।

छुट्टियों पर आए थे शिखरदीप
आर्मी अफसर शिखरदीप एक महीने की छुट्टी पर अपने घर आए थे। वह ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए वापस जा रहे थे, तभी पटना रेलवे स्टेशन पर उनका अपहरण हो गया। कैप्टन शिखरदीप जम्मू में तैनात हैं। वह महानंदा एक्सप्रेस से कटिहार से दिल्ली जाते वक्त रास्ते में लापता हो गए थे।

9 फरवरी को लिखी गई थी एफआईआर
शिखरदीप के दिल्ली नहीं पहुंचने की बात परिवार वालों के फोन करने के बाद पता चली। पटना से चलने के बाद परिवार ने रात में उनसे बात की थी, पर वह बाद में दिल्ली नहीं पहुंचे।
उनके परिजनों ने उनके लापता होने की एफआईआर 9 फरवरी को लिखवाई थी। उनके पिता को शक था कि उनके बेटे की गुमशुदगी का ताल्लुक किसी आतंकी संगठन से भी हो सकता है।

जेएनयू से लेकर एलयू तक माहौल गरम

छात्रों ने दिया अभिव्यक्ति के अधिकार का हवाला

लखनऊ। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ़्तार करने की खबर से लखनऊ विश्वविद्यालय में भी माहौल गरम हो चला है। एसएफआई ने मामले को लेकर अपना कड़ा विरोध जताया। सोशल मीडिया में छात्रसंघ अध्यक्ष की गिरफ्तारी की खबर वायरल होने के बाद से वाम छात्र संगठनों में काफी रोष है।
विश्वविद्यालय में एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) के छात्रों के विरोध के रवैये पर भी एलयू प्रशासन का रवैया बहुत हद तक जेएनयू जैसा ही है। विरोध की लहर और तेज हो सकती है। पिछले दिनों जेएनयू(जवाहर लाल नेहरू विवि) परिसर में संसद हमले के दोषी अफज़ल गुरु की बरसी पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जेएनयू में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने की खबर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस पर जब वामपंथी छात्रों के समूह ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरू और जम्मू-कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम को अफजल गुरु को शहीद का दर्जा दिया गया जिसका एबीवीपी के छात्रों ने भारी विरोध किया। लखनऊ में शुक्रवार को राष्ट्रवादी छात्र-नौजवान सभा ने विधानसभा के सामने सीपीआई दफ्तर में स्थित एसएफआई के कार्यालय पहुंचकर इसका विरोध किया।
एसएफआई के कार्यालय में विरोध करने के बाद यह छात्र संगठन ने हजरतगंज कोतवाली पहुंचकर जेएनयू में हुई घटना के दोषियों को के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाने की मांग की। लेकिन पुलिस ने महज उनका प्रार्थना पत्र लेकर जांच का आश्वासन दिया। जेएनयू मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सपा सरकार का अन्तिम बजट भी चुनावी व भ्रामक: मायावती

जनता सब समझ चुकी है सपा के छलावे में नहीं आयेगी

लखनऊ। बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश सपा सरकार द्वारा सदन में कल पेश किये गये पांचवे व अन्तिम बजट को पूरी तरह से भ्रामक, चुनावी व कागजी बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट से भी प्रदेश की गरीब आमजनता व किसानों का कुछ भी भला होने वाला नहीं है।
मायावती ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रदेश की जनता सपा सरकार की गलत नीतियों व कार्यकलापों से पिछले चार वर्षों से काफी ज्यादा त्रस्त है, उसे इस चुनावी वर्ष में बरगलाने के लिये कई लोक-लुभावन वायदे कुछ नये रूप में पुन: किये गये हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता ने पिछले चार वर्षों के शासन में इन घोषणाओं को जमीन पर उतार कर उसका लाभ जनता को प्राप्त होते नहीं देखा है।
सुभाष चन्द्र बोस के परिजनों ने सीएम से की मुलाकात
लखनऊ। सुभाष चन्द्र बोस के परिवार ने आज सीएम अखिलेश यादव से मुलाकत की। पांच कालीदास में लगभग 20 मिनट तक चली इस मुलाकात में परिजनों ने नेता जी सुभाष चन्द्र बोस से संबंधित दस्तावेजों को उजागर करवाने के लिये सहयोग मांगा। परिजनों ने सीएम से कहा कि आप केन्द्र सरकार से कहें कि नेता जी से संबंधित सभी दस्तावेजों को उजागर किया जाये। जिससे कि उनके बारे में और उनके महान कार्योंे के बारे में लोग और ज्यादा जान सकें। इस के जवाब में सीएम ने भी उनको हर सम्भव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

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