किडनी की असाध्य बीमारियों से मरीजों को मिलेगी निजात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी सहित आस -पास के जिलों से केजीएमयू आने वाले किडनी, मांसपेशियों व त्वचा की असाध्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को जल्द ही इन बीमारियों से निजात मिलेगी। इसके लिए किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओर से इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप लैब खोली जा रही है, जहां पर मरीजों को होने वाली इन असाध्य बीमारियों को सामान्य माइक्रोस्कोप की अपेक्षा बहुत सूक्ष्मता से देखा जा सकेगा और इन बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का सही दिशा में इलाज हो सकेगा। इस लैब से संबंधित ज्यादातर मशीनें आ चुकी हैं। आने वाले 1 से 2 महीनों में ये लैब शुरू हो जायेगी। इन असाध्य बीमारियों से जूझ रहे राजधानी समेत आस- पास के जिलों के मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
बताते चलें कि इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप लैब की शुरुआत करने वाला केजीएमयू देश के चुनिंदा संस्थानों में से एक है। भारत में ज्यादातर इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप लैब शोध संस्थानों जैसे सीडीआर, आईआईटीआर में स्थापित हैं, जबकि चिकित्सा संस्थानों में ऐसा बहुत कम ही है कि इस लैब का उपयोग प्रत्यक्ष रूप से मरीजों के इलाज में किया जाए लेकिन केजीएमयू की ओर से ऐसा किया जा रहा है।
इस लैब को लेकर ज्यादातर मशीनों की खरीद प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इस लैब में इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप नाम की सबसे बड़ी मशीन है, जिसकी कीमत करीब 6 करोड़ है। केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि माइक्रोस्कोप दो प्रकार के होते हैं। पहला स्कैनिंग और ट्रांसमिशन जो सामान्य श्रेणी के माइक्रोस्कोप हैं। इनसे किसी बीमारी के अंदरुनी हिस्से को 1 हजार गुना तक देखा जा सकता है जबकि इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से इन बीमारियों के अंदरूनी हिस्से को हजार गुना से लेकर लाख गुना तक देखा जा सकता है, जिससे मरीज की बीमारी की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है। पैथोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अतिन सिंघई ने बताया कि इस लैब की शुरुआत होने के बाद किडनी, मांसपेशियों और त्वचा से सम्बंधित बीमारियां जिनकी विकृति को साधारण माइक्रोस्कोप से पता नहीं लगाया जा सकता। ऐसी बीमारियों को इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की सहायता से देखकर इनके निवारण में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक लैब में दो बड़ी मशीनें व कुछ छोटी- छोटी मशीनें आ चुकी हैं। आने वाले कुछ महीनों में इस लैब की शुरुआत होगी।

इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप लैब केजीएमयू के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। किसी चिकित्सा संस्थान में इस लैब को स्थापित करने वाला केजीएमयू देश के चुनिंदा संस्थानों में से एक है।

– डॉ. अनित सिंघई, सहायक प्रोफेसर, पैथोलॉजी विभाग व लैब इंचार्ज

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